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.. राजतिलक एंकाउंटर पर परिजनों ने उठाए सवाल
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:24 PM IST
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आजमगढ़। 15 अप्रैल को जनपद पुलिस ने मेंहनगर थाना क्षेत्र के वीरभानपुर गांव निवासी राजतिलक सिंह उर्फ मुन्ना एंकाउंटर में घायल हुआ था। पुलिस ने राजतिलक को इनामिया अपराधी भी घोषित कर दिया। लेकिन मंगलवार को राजतिलक के पिता विनय सिंह ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया कि 13 अप्रैल को पुलिस ने उनके पुत्र को घर से उठाकर 15 अप्रैल को एंकाउंटर में घायल कर दिया।
जनपद में जारी एंकाउंटर पर अब सवाल उठने लगे हैं। 15 अप्रैल को हुई मुठभेड़ में घायल राजलिक सिंह उर्फ मुन्ना के पिता विनय सिंह ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे फर्जी करार देते हुए इसकी जांच की मांग की है। मंगलवार को विनय सिंह ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मीडिया कर्मियों को बताया कि 13 अप्रैल को उनका बेटा राजतिलक घर पर था। रात को लगभग नौ बजे चार पहिया वाहन सवार कुछ लोग पहुंचे और उन्होंने उनके बेटे को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया। जैसे ही वह बाहर आया उन लोगों ने उसे उठाकर गाड़ी में डाला और चल दिए। पूछने पर कहा कि बाद में पता चल जाएगा। काफी छानबीन के बाद भी जब कुछ पता नहीं चला उन्होंने 14 अप्रैल पुलिस उपमहानिरीक्षक को यह बात बताई और उन्होंने मेंहनगर थाने में तहरीर देने की बात कही। इस पर उन्होंने थाने में तहरीर भी दी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। 15 अप्रैल को पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गोली मारकर घायल कर दिया। उन्होंने उक्त मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी, पुलिस उपमहानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक आदि से करके उक्त एंकाउंटर की जांच कराने की मांग की है।
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जनपद में जारी एंकाउंटर पर अब सवाल उठने लगे हैं। 15 अप्रैल को हुई मुठभेड़ में घायल राजलिक सिंह उर्फ मुन्ना के पिता विनय सिंह ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे फर्जी करार देते हुए इसकी जांच की मांग की है। मंगलवार को विनय सिंह ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मीडिया कर्मियों को बताया कि 13 अप्रैल को उनका बेटा राजतिलक घर पर था। रात को लगभग नौ बजे चार पहिया वाहन सवार कुछ लोग पहुंचे और उन्होंने उनके बेटे को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया। जैसे ही वह बाहर आया उन लोगों ने उसे उठाकर गाड़ी में डाला और चल दिए। पूछने पर कहा कि बाद में पता चल जाएगा। काफी छानबीन के बाद भी जब कुछ पता नहीं चला उन्होंने 14 अप्रैल पुलिस उपमहानिरीक्षक को यह बात बताई और उन्होंने मेंहनगर थाने में तहरीर देने की बात कही। इस पर उन्होंने थाने में तहरीर भी दी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। 15 अप्रैल को पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गोली मारकर घायल कर दिया। उन्होंने उक्त मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी, पुलिस उपमहानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक आदि से करके उक्त एंकाउंटर की जांच कराने की मांग की है।
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