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समारोह में शामिल लोगों पर थी खुफिया नजर
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आजमगढ़। दिल्ली में हुए सीरियल बम ब्लास्ट और बाटला एनकाउंटर में शामिल रहे सजायाफ्ता शहजाद पुत्र शेराज अहमद के बहन की शादी में शामिल होने की जानकारी मिलते ही पुलिस और खुफिया विभाग को अलर्ट कर दिया गया। शहजाद के बिलरियागंज थाने के खालिसपुर गांव पहुंचने से पहले ही खुफिया विभाग सतर्क हो गया। माहौल पर नजर रखने के लिए काफी संख्या में सादे कपड़ों में पुलिसवाले भी लगाए गए थे। एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस के नौ कमांडो, सबइंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व में शहजाद को लेकर सुबह दस बजे उसके घर पहुंचे। जहां कोर्ट के आदेश पर वह चार घंटे तक अपनों के बीच रहा। करीब दो बजे पुलिसवाले शहजाद को लेकर बिलरियागंज थाने पहुंचे। वहां से पुन: रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हो गए। सुरक्षा एजेंसियां इस ताक में थी कि कहीं समारोह में फरार चल रहे उसके साथियों द्वारा शहजाद से मिलकर कोई षड्यंत्र न रच दें। शहजाद गिरफ्तारी से पूर्व आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का सक्रिय सदस्य था। देश विरोधी गतिविधियां रचने में वह माहिर था। शहजाद अपने साथी सरायमीर थाने के संजरपुर गांव निवासी फरार दस लाख के आतंकी बड़ा साजिद, मिर्जा शहनवाज, खालिद आदि के साथ मिलकर देश की राजधानी दिल्ली में कई सीरियल बम ब्लास्ट करने में उसकी संलिप्तता रही है। इन्हीं सब वजहों से खुफिया विभाग के लोग नात, रिश्तेदारों सहित अन्य के गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
प्रतिक्षालय से निकलने लगे यात्री
आजमगढ़। कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार की शाम को जैसे ही दिल्ली पुलिस के नौ कमांडो की कड़ी सुरक्षा के बीच शहजाद पुत्र शेराज अहमद रेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो हलचल बढ़ गई। पुलिस वाले जहां शहजाद को लेकर प्लेट फार्म नंबर एक पर बने प्रतीक्षालय में लेकर चले गए। वहीं भीतर बैठकर परिवार के साथ ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे तमाम महिला और पुरुष यात्री अचानक असलहाधारियों को देखकर भयभीत हो गए और बाहर निकल आए। जबकि प्रतीक्षालय गेट पर लोगों की भीड़ जुट गई। हर कोई सच जानने के प्रयास में दिख रहा था।
एसओ सहित दस पुलिसवाले भूखे रहे
आजमगढ़। बिलरियागंज थाने के खालिसपुर गांव निवासी शहजाद पुत्र शेराज के चार घंटे की पैरोल पर आने की सूचना पर एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह और थाने के दस सिपाही अलग-अलग वाहन से उनके साथ ड्यूटी में लग गए। राजकुमार सिंह ने बताया कि इतना बड़ा आरोपी आने की सूचना पर सुबह से ही सभी लोग अलर्ट हो गए। बस इसी बात की चिंता थी कि किसी तरह से सकुशल वह समय खत्म होने पर दिल्ली के रवाना हो जाए। शहजाद के जाने के बाद ही सभी लोगों ने राहत की सांस लिया।
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दिन भर गुमराह करती रही पुलिस
आजमगढ़। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी शहजाद पुत्र शेराज अहमद के चार घंटे की पैरोल पर बहन की शादी में शामिल होने की सूचना मिलने पर पुलिस विभाग के अधिकारी और दरोगाओं से जानकारी लेने का प्रयास किया गया। इस दौरान अधिकारी सहित अन्य लोग दिन भर गुमराह करते रहे। खुलासा तब हुआ जब वह सकुशल दिल्ली के लिए चला गया।
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा शहजाद को चार घंटे की पैरोल मिली थी। वह अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए आया था। दिल्ली पुलिस के सहयोग के लिए स्थानीय पुलिसवालों की ड्यूटी लगाई गई थी। - बबलू कुमार, एसपी
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प्रतिक्षालय से निकलने लगे यात्री
आजमगढ़। कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार की शाम को जैसे ही दिल्ली पुलिस के नौ कमांडो की कड़ी सुरक्षा के बीच शहजाद पुत्र शेराज अहमद रेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो हलचल बढ़ गई। पुलिस वाले जहां शहजाद को लेकर प्लेट फार्म नंबर एक पर बने प्रतीक्षालय में लेकर चले गए। वहीं भीतर बैठकर परिवार के साथ ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे तमाम महिला और पुरुष यात्री अचानक असलहाधारियों को देखकर भयभीत हो गए और बाहर निकल आए। जबकि प्रतीक्षालय गेट पर लोगों की भीड़ जुट गई। हर कोई सच जानने के प्रयास में दिख रहा था।
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एसओ सहित दस पुलिसवाले भूखे रहे
आजमगढ़। बिलरियागंज थाने के खालिसपुर गांव निवासी शहजाद पुत्र शेराज के चार घंटे की पैरोल पर आने की सूचना पर एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह और थाने के दस सिपाही अलग-अलग वाहन से उनके साथ ड्यूटी में लग गए। राजकुमार सिंह ने बताया कि इतना बड़ा आरोपी आने की सूचना पर सुबह से ही सभी लोग अलर्ट हो गए। बस इसी बात की चिंता थी कि किसी तरह से सकुशल वह समय खत्म होने पर दिल्ली के रवाना हो जाए। शहजाद के जाने के बाद ही सभी लोगों ने राहत की सांस लिया।
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दिन भर गुमराह करती रही पुलिस
आजमगढ़। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी शहजाद पुत्र शेराज अहमद के चार घंटे की पैरोल पर बहन की शादी में शामिल होने की सूचना मिलने पर पुलिस विभाग के अधिकारी और दरोगाओं से जानकारी लेने का प्रयास किया गया। इस दौरान अधिकारी सहित अन्य लोग दिन भर गुमराह करते रहे। खुलासा तब हुआ जब वह सकुशल दिल्ली के लिए चला गया।
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा शहजाद को चार घंटे की पैरोल मिली थी। वह अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए आया था। दिल्ली पुलिस के सहयोग के लिए स्थानीय पुलिसवालों की ड्यूटी लगाई गई थी। - बबलू कुमार, एसपी