फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   लाइसेंसी दुकानों से कारतूस का मांगा गया हिसाब

लाइसेंसी दुकानों से कारतूस का मांगा गया हिसाब

Sun, 03 Mar 2019 11:34 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2019 11:34 PM IST
विज्ञापन
लाइसेंसी दुकानों से कारतूस का मांगा गया हिसाब
आजमगढ़। लोकसभा चुनाव की अभी भले ही घोषणा नहीं हुई है, लेकिन तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इसक्रम में पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि चुनाव में कोई खलल पैदा करने के लिए हथियार और कारतूस आदि तो नहीं इकट्ठा कर रहा है। इसका पता लगाने के लिए एसपी ग्रामीण ने जिले के सभी शस्त्र लाइसेंस की दुकानदारों को पत्र लिखकर उनसे जवाब मांगा गया है कि एक वर्ष में कितना और किन-किन लोगों को कारतूस बेचा गया है। इसका आंकड़ा आने के बाद ईगल मोबाइल टीम के जरिए सत्यापन कराया जाएगा। इसके पीछे यह जानने की मंशा है कि कहीं वैध कारतूस अवैध लोगों के हाथ तो नहीं लग रहा। बता दें कि जिले में कुल 13 शस्त्र लाइसेंस की दुकानें हैं। जिसमें से ज्यादातर दुकानें बंद हो चुकी है। महज चार दुकानें अभी भी संचालित हैं। इन दुकानों से करीब 18 हजार शस्त्र लाइसेंस धारक कारतूस आदि खरीदकर ले जाते हैं। कोर्ट द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद अभी भी धड़ल्ले से लोग हर्ष फायरिंग कर रहे हैं। जबकि कई लोग शस्त्र की आड़ में कारतूस खरीदकर अपराधिक छवि वाले लोगों को बेच देते हैं। इसके एवज में उन्हें अच्छीखासी रकम मिलती है। जबकि अपराधी शस्त्रधारकों से कारतूस खरीदकर उसका प्रयोग आतंक मचाने में करते हैं। चुनाव के दौर में ही नेता अपने विपक्षियों को रास्ते से हटावाने के लिए शूटरों का सहारा लेते हैं। ऐसे में चुनाव आयोग बगैर किसी आपराधिक घटना हुए शांति पूर्वक चुनाव संपन्न कराने की तैयारी में जुटा है। इसक्रम में एसपी ग्रामीण के निर्देश पर जिले के सभी शस्त्र लाइसेंस की दुकान चलाने वालों को पत्र भेजकर एक वर्ष में बेचे गए कारतूसों का हिसाब मांगा है कि किस व्यक्ति को कितना कारतूस अब तक बेचा गया है। इसका जवाब आने पर ईगल मोबाइल के जरिए सत्यापन कराया जाएगा कि जिस शस्त्र धारक ने कारतूस खरीदा है। उसका इस्तेमाल कहां किया। उसके पास अब तक और कितने कारतूस मौजूद हैं। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी शस्त्र लाइसेंस की दुकानों को पत्र भेजकर एक वर्ष में बेचे गए कारतूस का जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद ईगल मोबाइल के जरिए उसका सत्यापन कराया जाएगा। ताकि कोई भी इसका दुरुपयोग न कर सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed