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मारपीट में घायल की मौत पर भढ़के लोग, लगाया जाम
Updated Sun, 13 May 2018 12:32 AM IST
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ठेकमा। बरदह थाना क्षेत्र के जखवा गांव में आठ मई को दो पक्षों में हुई मारपीट के दौरान एक पक्ष के घायल की इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना पर गांव में तनाव की स्थिति हो गई। हंगामा होने पर गांव में काफी मात्रा में फोर्स लगाकर तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इस बीच गांव की महिलाओं ने आजमगढ़-जौनपुर मार्ग को जाम कर दिया। सीओ ने मामले में धाराएं बढ़ाने और आरोपियों की दो दिन में गिरफ्तारी की बात कह जाम खुलवाया।
जखवा गांव निवासी मोहन राजभर (25) पुत्र लालमन राजभर आठ मई को शाम पांच बजे गांव के कोटेदार के पास राशन के बारे में पता करने गया था। वापस लौटते समय रास्ते में गांव के ही रमेश यादव, संतोष, रविंद्र, सतई, प्रवेश यादव, संजय, संदीप यादव आदि ने उसे मारना-पीटना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर राजभर बिरादरी के लोग भी पहुंच गए और जमकर लाठी-डंडे चले। दोनों तरफ के 17 लोग घायल हुए थे। मोहन राजभर की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे रेफर किया था। उसका इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा था। दोनों तरफ से मारपीट के मामले में 17 लोग नामजद हुए थे।
शनिवार सुबह इलाज के दौरान मोहन की मौत हो गई। सूचना गांव में पहुंचते ही राजभर पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और दूसरे पक्ष पर चढ़ गए। सूचना पर यूपी-100 पुलिस, सीओ लालगंज संतोष कुमार सिंह, प्रभारी थानाध्यक्ष ज्ञान चंद शुक्ला फोर्स के साथ पहुंचे। सीओ लालगंज संतोष कुमार सिंह लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। गांव में फोर्स लगा दी गई। तीन लोगों को हिरासत में भी ले लिया।
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इस बीच राजभर पक्ष की सैकड़ों महिलाओं ने आजमगढ़-जौनपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सीओ लालगंज संतोष कुमार ने आरोपियों की दो दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम को खत्म करवाया। मौके पर कई थाने की पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई थी। सीओ संतोष कुमार ने बताया कि मारपीट के मामले में धारा तरमीम कर दी गई है। आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।
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जखवा गांव निवासी मोहन राजभर (25) पुत्र लालमन राजभर आठ मई को शाम पांच बजे गांव के कोटेदार के पास राशन के बारे में पता करने गया था। वापस लौटते समय रास्ते में गांव के ही रमेश यादव, संतोष, रविंद्र, सतई, प्रवेश यादव, संजय, संदीप यादव आदि ने उसे मारना-पीटना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर राजभर बिरादरी के लोग भी पहुंच गए और जमकर लाठी-डंडे चले। दोनों तरफ के 17 लोग घायल हुए थे। मोहन राजभर की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे रेफर किया था। उसका इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा था। दोनों तरफ से मारपीट के मामले में 17 लोग नामजद हुए थे।
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शनिवार सुबह इलाज के दौरान मोहन की मौत हो गई। सूचना गांव में पहुंचते ही राजभर पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और दूसरे पक्ष पर चढ़ गए। सूचना पर यूपी-100 पुलिस, सीओ लालगंज संतोष कुमार सिंह, प्रभारी थानाध्यक्ष ज्ञान चंद शुक्ला फोर्स के साथ पहुंचे। सीओ लालगंज संतोष कुमार सिंह लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। गांव में फोर्स लगा दी गई। तीन लोगों को हिरासत में भी ले लिया।
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इस बीच राजभर पक्ष की सैकड़ों महिलाओं ने आजमगढ़-जौनपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सीओ लालगंज संतोष कुमार ने आरोपियों की दो दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम को खत्म करवाया। मौके पर कई थाने की पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई थी। सीओ संतोष कुमार ने बताया कि मारपीट के मामले में धारा तरमीम कर दी गई है। आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।