आजमगढ़। जनपद में गुंडा एक्ट में निरुद्ध नौ लोगों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इन पर गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज थे। नोटिस और सुनवाई के बाद तय किया गया कि इनके जनपद में रहने से शांति व्यवस्था को खतरा हो सकता है। एडीएम प्रशासन की ओर से इन लोगों को छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। इसकी जानकारी सभी थानों को भेज दी गई है। लोकसभा चुनाव के दौरान जनपद में शांति व्यवस्था कायम करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गुंडा एक्ट में निरुद्ध नौ लोगों को एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। जवाब मिलने के बाद कोर्ट में सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद माना गया कि इन लोगों के जिले में रहने से शांति व्यवस्था में खलल उत्पन्न हो सकता है। नौ आरोपियों को छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। इसमें सरायमीर के गोवध और अन्य आरोपों में निरुद्ध शेरवा निवासी बुनैल पुत्र तौहीद, मुबारकपुर के पुरासोफी निवासी मो. असद पुत्र नेयाज अहमद, महाराजगंज के दावारा जदीद निवासी खुशहाल पुत्र हरीराम, सिधारी के बेलनाडीह निवासी शैलेंद्र सिंह पुत्र हेमराज सिंह, मुबारकपुर के बम्हौर निवासी अरशद पुत्र बदरुद्दीन, निजामाबाद के फरिहां निवासी योगेंद्र यादव पुत्र राम चरण और जिशान पुत्र अकरम, आजमगढ़ के बद्दोपुर निवासी शुभम सिंह पुत्र शिवबख्श सिंह, मेहनाजपुर के मऊ परासिन निवासी भवानी सिंह पुत्र प्रभु नारायण सिंह शामिल हैं। एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने बताया कि इनकी जानकारी सभी थाना प्रभारियों को भेज दी गई है।