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डी नाइन गिरोह का शार्प शूटर था जयहिंद यादव
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:18 AM IST
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डी नाइन गिरोह का शार्प शूटर था जयहिंद यादव
सर्राफा कारोबारियों को ही बनाता था निशाना
फोन कर कारोबारियों से मांगा था रंगदारी
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। मेंहनगर थाना क्षेत्र के रामघाट कुटी के पास गुरुवार की दोपहर पुलिस की मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश जयहिंद यादव मुख्य रुप से डी नाइन गिरोह का शार्ट शूटर था। उसके निशाने पर सराफा कारोबारी रहते थे। अब तक वह कई व्यापारियों को फोन कर रंगदारी मांग चुकी है। जबकि कईयों के यहां लूट और दूकान में घुसकर हत्या भी कर चुका है। जयहिंद के नाम का सराफा कारोबारियों में खौफ था।
तरवां थाना क्षेत्र का रहने वाला कुख्यात बदमाश धर्मेंद्र सिंह ने बहुत ही कम समय में अपनी बड़ी गिरोह तैयार कर लिया था। इस गिरोह में तरवां थाना क्षेत्र के खिलवा कंचनपुर गांव निवासी जयहिंद यादव भी था। इस गिरोह के निशाने पर सराफा कारोबारी हुआ करते थे। 28 मार्च 2015 की शाम देवगांव बाजार में कोतवाली मोड़ निवासी सराफा कारोबारी की दूकान में घुसकर धर्मेंद्र सिंह, जयहिंद यादव आदि ने ताबड़तोड़ गोली मारकर उसकी हत्या कर दिया और लाखो रुपये का आभूषण लूट लिया। बदमाश भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में असलहा लहराते हुए फरार हो गए। दिन दहाड़े हुई इस घटना के बाद एसटीएफ गोरखपुर ने धर्मेंद्र सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके बाद गिरोह की कमान जेल में बंद बुढ़वा के हाथ में आ गई। बुढ़वा के जेल में जाने के बाद जयहिंद अपनी गिरोह को मजबूत करने के लिए रुपये इकट्ठा करने के उद्देश्य से दस मई की दोपहर तरवां थाने के कंचनपुर बाजार निवासी सर्राफा कारोबारी मनोज वर्मा की दूकान में घूसकर नगदी सहित आठ लाख रुपये का आभूषण लूट लिया और फायर करते हुए फरार हो गया। इसके अलावा मेंहनगर कस्बा निवासी सराफ प्रमोद कुमार, मेहनाजपुर बाजार निवासी गणेश सेठ, हरिशंकर सेठ, तरवां थाने के खरिहानी बाजार निवासी अमरदीप सेठ को फोन कर रंगदारी मांगा। चारो मामले की संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच के दौरान जयहिंद यादव का नाम प्रकाश में आया। पुलिस जयहिंद को पकडने के लिए उसके घर वालों से गहनता से पूछताछ की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस जहां जयहिंद की तलाश में दिन रात एक किए हुए थी। वहीं व्यापारी नेता भी उसकी गिरफ्तारी के लिए दवाब बना रहे थे।
आठ वर्ष बाद फिर हुआ एनकाउंटर
आजमगढ़ (ब्यूरो)। पूर्वांचल में कभी आतंक का पर्याप रहे जौनपुर जिले के रहने वाले जेपी यादव और उसके चार साथियों को आजमगढ़ जिले की पुलिस ने तात्कालीन एसपी रहे रमित शर्मा के नेतृत्व में वर्ष वर्ष 2009 में सिधारी थाना क्षेत्र के विशाल टाकिज के पास मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद जिला शांत था। लेकिन धीरे-धीरे बदमाश काफी सक्रिय हो गए थे। बदमाशों के तांडव पर विराम उस समय लगा जब वर्ष 2016 में जिले की कमान एसपी अजय कुमार साहनी को सौपी गई। अजय ने आने के बाद साहस दिखाते हुए कई मुठभेड़ कराया। लेकिन पैर में गोली लगने के बाद बदमाश गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी के इस तेवर से बदमाशों में खौफ जरुर रहा। लेकिन वे घटनाएं करने से बाज नहीं आ रहे थे। इसीबीच अजय साहनी का स्थानांतरण हो जाने के बाद बदमाश पुन: सक्रिय हो गए और एक के बाद एक लूट, हत्या आदि की घटनाओं को अंजाम देने लगे। तरवां थाना क्षेत्र के कंचनपुर बाजार में सर्राफ से हुई लूट, और रंगदारी मांगे जाने का मामला भी पुराना था। इसीबीच विधान सभा चुनाव समाप्त हो जाने के बाद अजय कुमार साहनी को पुन: जिले की कमान सौंप दी गई। चार्ज संभालने के बाद से ही लगातार अजय साहनी बदमाशों पर नकेल लगाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। गुरुवार को पुलिस मुठभेड़ में जयहिंद के मार गिराए जाने के बाद अपराधियों में भय जरुर पैदा होगा।
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चार माह से पुलिस को थी जयहिंद की तलाश
आजमगढ़ (ब्यूरो)। पूर्वांचल में आतंक का पर्याय रहे जयहिंद यादव की तलाश में पुलिस बीते चार माह से लगी थी। इस दौरान कई बार पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हुआ लेकिन सफलता नहीं मिली। सीओ लालगंज रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस का लगातार प्रयास जारी रहा। गुरुवार को मुखबिर के जरिए जब जयहिंद के आने की सूचना मिली तो पुलिस पुरी तैयारी से रामघाट कुटी के पास उसके आने का इंतजार करने लगी। योजनाबद्ध तरीके से काम करने का परिणाम रहा कि जयहिंद यादव ना केवल पकड़ा गया, बल्कि मुठभेड़ में मार गिराया गया। जयहिंद के सफाए के बाद पुलिस टीम अब उनकी तलाश में जुटी है। जो बदमाश फायर कर भाग गए।
अब अपने जगह चले जाए बदमाश
आजमगढ़ (ब्यूरो)। मेंहनगर थाना क्षेत्र के रामघाट कुटी के पास गुरुवार की दोपहर हुई पुलिस मुठभेड़ में ईनामी बदमाश जयहिंद यादव के मार गिराए जाने के बाद पुलिस का मनोबल काफी बढ़ गया है। पुलिस अब उन सारे बदमाशों की तलाश में जुट गई है जिनकी वजह से शांति मेें खलल पड़ रही है।
एसपी ग्रामीण नरेंद्ह प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस अब किसी भी ऐसे बदमाश को नहीं बक्शने वाली जिनकी वजह से कानून व्यवस्था प्रभावित हो रहा है। ऐसे बदमाश या तो जिला छोड़कर कहीं दूर भाग जाए, या फिर अदालत में समर्पण कर दें। अन्यथा पुलिस उन्हें छोड़ेगी नहीं।
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सर्राफा कारोबारियों को ही बनाता था निशाना
फोन कर कारोबारियों से मांगा था रंगदारी
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। मेंहनगर थाना क्षेत्र के रामघाट कुटी के पास गुरुवार की दोपहर पुलिस की मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश जयहिंद यादव मुख्य रुप से डी नाइन गिरोह का शार्ट शूटर था। उसके निशाने पर सराफा कारोबारी रहते थे। अब तक वह कई व्यापारियों को फोन कर रंगदारी मांग चुकी है। जबकि कईयों के यहां लूट और दूकान में घुसकर हत्या भी कर चुका है। जयहिंद के नाम का सराफा कारोबारियों में खौफ था।
तरवां थाना क्षेत्र का रहने वाला कुख्यात बदमाश धर्मेंद्र सिंह ने बहुत ही कम समय में अपनी बड़ी गिरोह तैयार कर लिया था। इस गिरोह में तरवां थाना क्षेत्र के खिलवा कंचनपुर गांव निवासी जयहिंद यादव भी था। इस गिरोह के निशाने पर सराफा कारोबारी हुआ करते थे। 28 मार्च 2015 की शाम देवगांव बाजार में कोतवाली मोड़ निवासी सराफा कारोबारी की दूकान में घुसकर धर्मेंद्र सिंह, जयहिंद यादव आदि ने ताबड़तोड़ गोली मारकर उसकी हत्या कर दिया और लाखो रुपये का आभूषण लूट लिया। बदमाश भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में असलहा लहराते हुए फरार हो गए। दिन दहाड़े हुई इस घटना के बाद एसटीएफ गोरखपुर ने धर्मेंद्र सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके बाद गिरोह की कमान जेल में बंद बुढ़वा के हाथ में आ गई। बुढ़वा के जेल में जाने के बाद जयहिंद अपनी गिरोह को मजबूत करने के लिए रुपये इकट्ठा करने के उद्देश्य से दस मई की दोपहर तरवां थाने के कंचनपुर बाजार निवासी सर्राफा कारोबारी मनोज वर्मा की दूकान में घूसकर नगदी सहित आठ लाख रुपये का आभूषण लूट लिया और फायर करते हुए फरार हो गया। इसके अलावा मेंहनगर कस्बा निवासी सराफ प्रमोद कुमार, मेहनाजपुर बाजार निवासी गणेश सेठ, हरिशंकर सेठ, तरवां थाने के खरिहानी बाजार निवासी अमरदीप सेठ को फोन कर रंगदारी मांगा। चारो मामले की संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच के दौरान जयहिंद यादव का नाम प्रकाश में आया। पुलिस जयहिंद को पकडने के लिए उसके घर वालों से गहनता से पूछताछ की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस जहां जयहिंद की तलाश में दिन रात एक किए हुए थी। वहीं व्यापारी नेता भी उसकी गिरफ्तारी के लिए दवाब बना रहे थे।
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आठ वर्ष बाद फिर हुआ एनकाउंटर
आजमगढ़ (ब्यूरो)। पूर्वांचल में कभी आतंक का पर्याप रहे जौनपुर जिले के रहने वाले जेपी यादव और उसके चार साथियों को आजमगढ़ जिले की पुलिस ने तात्कालीन एसपी रहे रमित शर्मा के नेतृत्व में वर्ष वर्ष 2009 में सिधारी थाना क्षेत्र के विशाल टाकिज के पास मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद जिला शांत था। लेकिन धीरे-धीरे बदमाश काफी सक्रिय हो गए थे। बदमाशों के तांडव पर विराम उस समय लगा जब वर्ष 2016 में जिले की कमान एसपी अजय कुमार साहनी को सौपी गई। अजय ने आने के बाद साहस दिखाते हुए कई मुठभेड़ कराया। लेकिन पैर में गोली लगने के बाद बदमाश गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी के इस तेवर से बदमाशों में खौफ जरुर रहा। लेकिन वे घटनाएं करने से बाज नहीं आ रहे थे। इसीबीच अजय साहनी का स्थानांतरण हो जाने के बाद बदमाश पुन: सक्रिय हो गए और एक के बाद एक लूट, हत्या आदि की घटनाओं को अंजाम देने लगे। तरवां थाना क्षेत्र के कंचनपुर बाजार में सर्राफ से हुई लूट, और रंगदारी मांगे जाने का मामला भी पुराना था। इसीबीच विधान सभा चुनाव समाप्त हो जाने के बाद अजय कुमार साहनी को पुन: जिले की कमान सौंप दी गई। चार्ज संभालने के बाद से ही लगातार अजय साहनी बदमाशों पर नकेल लगाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। गुरुवार को पुलिस मुठभेड़ में जयहिंद के मार गिराए जाने के बाद अपराधियों में भय जरुर पैदा होगा।
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चार माह से पुलिस को थी जयहिंद की तलाश
आजमगढ़ (ब्यूरो)। पूर्वांचल में आतंक का पर्याय रहे जयहिंद यादव की तलाश में पुलिस बीते चार माह से लगी थी। इस दौरान कई बार पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हुआ लेकिन सफलता नहीं मिली। सीओ लालगंज रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस का लगातार प्रयास जारी रहा। गुरुवार को मुखबिर के जरिए जब जयहिंद के आने की सूचना मिली तो पुलिस पुरी तैयारी से रामघाट कुटी के पास उसके आने का इंतजार करने लगी। योजनाबद्ध तरीके से काम करने का परिणाम रहा कि जयहिंद यादव ना केवल पकड़ा गया, बल्कि मुठभेड़ में मार गिराया गया। जयहिंद के सफाए के बाद पुलिस टीम अब उनकी तलाश में जुटी है। जो बदमाश फायर कर भाग गए।
अब अपने जगह चले जाए बदमाश
आजमगढ़ (ब्यूरो)। मेंहनगर थाना क्षेत्र के रामघाट कुटी के पास गुरुवार की दोपहर हुई पुलिस मुठभेड़ में ईनामी बदमाश जयहिंद यादव के मार गिराए जाने के बाद पुलिस का मनोबल काफी बढ़ गया है। पुलिस अब उन सारे बदमाशों की तलाश में जुट गई है जिनकी वजह से शांति मेें खलल पड़ रही है।
एसपी ग्रामीण नरेंद्ह प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस अब किसी भी ऐसे बदमाश को नहीं बक्शने वाली जिनकी वजह से कानून व्यवस्था प्रभावित हो रहा है। ऐसे बदमाश या तो जिला छोड़कर कहीं दूर भाग जाए, या फिर अदालत में समर्पण कर दें। अन्यथा पुलिस उन्हें छोड़ेगी नहीं।