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पुलिस की लापरवाही से हुई तीनों हत्याएं
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:48 PM IST
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आजमगढ़। मेहनाजपुर नई बस्ती गांव निवासी जंगबहादुर सिंह (58), तरवां थाना क्षेत्र के अवनी गांव निवासी अत्रेय सिंह (45) और अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव निवासी सुनील सिंह उर्फ गुड्डू की ताबड़तोड़ हुई हत्या के पीछे संबंधित थाने की पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। उच्चाधिकारियों की चेतावनी के बाद भी एसओ समेत थाने के अन्य कर्मचारियों ने सावधानी नहीं बरती। मेहनाजपुर नई बस्ती निवासी जंगबहादुर सिंह का बंटवारे का विवाद चलता था। सोमवार को वह रोआपार गांव निवासी एक व्यक्ति के बेटे के मुंडन होने पर आयोजित भोज में खाने गया था। रात करीब आठ बजे वहां से साइकल से निकला। उसके साथ विपक्षी शैलेष सिंह आदि भी मौजूद थे। इन लोगों ने लाठी-डंडे और लात, घूसों से पीटकर जंगबहादुर की हत्या कर दी। परिवारवालों का आरोप है कि जिस समय घटना को अंजाम दिया जा रहा था, वहां कुछ दूर पर एक दरोगा और सिपाही खड़े थे, कहने के बाद भी यह लोग मौके पर नहीं आए। पुलिसवालों के न आने से मनबढ़ जंगबहादुर को अस्पताल नहीं ले जाने दे रहे थे। समय से अस्पताल नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। इसीक्रम में तरवां थाना क्षेत्र के अवनी गांव निवासी अत्रेय सिंह से विपक्षी राजेश सिंह का विवाद होने पर पुलिस रविवार को मौके पर पहुंची। काम रोकवाते हुए दोनों पक्ष से एक-एक लोगों को लेकर थाने चली गई। साथ ही सुरक्षा के लिए एक दरोगा, एक सिपाही और तीन होमगार्ड तैनात कर दिया। लेकिन रात को यह सभी मौके से गायब हो गए। इनके जाते ही मनबढ़ों ने गोली मारकर अत्रेय की हत्या कर दी। सवाल यह उठता है कि जब दिन में एसओ ने काम रोकवा दिया तो किस बल पर पुन: निर्माण शुरू हुआ और विपक्षी योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दे दिया। जबकि अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव निवासी सुनील सिंह गुड्डू की हत्या से पूर्व ही उच्चाधिकारियों ने एसओ अहरौला को सुनील के विपक्षी मनीष सिंह आदि पर सख्त नजर रखने और इनके विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया। बार-बार चेतावनी के बाद भी एसओ समेत अन्य पुलिसवालों ने ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम रहा कि मनीष आदि अपने मंसूबों में कामयाब हो गए।
ताबड़तोड़ हुई तीनों हत्याओं में पीड़ित पक्ष स्थानीय पुलिसवालों की मिलीभगत का आरोप लगाया। जिसकी गहनता से जांच पड़ताल करवाई जा रही। जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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ताबड़तोड़ हुई तीनों हत्याओं में पीड़ित पक्ष स्थानीय पुलिसवालों की मिलीभगत का आरोप लगाया। जिसकी गहनता से जांच पड़ताल करवाई जा रही। जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण