फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   तीन जिलों के सात नेताओं से थी सांठगांठ

तीन जिलों के सात नेताओं से थी सांठगांठ

Fri, 07 Jun 2019 11:44 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2019 11:44 PM IST
विज्ञापन
तीन जिलों के सात नेताओं से थी सांठगांठ
आजमगढ़। सिधारी थाने की पुलिस के हत्थे चढ़े मौत के सौदागर धर्मेंद्र मौर्या का संपर्क देश के बड़े शराब माफियाओं से था। वहीं तीन जिले आजमगढ़, मऊ और वाराणसी के सात नेताओं से गहरी दोस्ती थी। इन नेताओं का इस्तेमाल धर्मेंद्र अवैध शराब पकड़े जाने पर छुड़ाने के लिए करता था। पुलिस मौत के सौदागर धर्मेंद्र से सांठगांठ रखने वाले सफेदपोशों का चेहरा बेनकाब करने के लिए नेताओं का लैटर पैड जुटा रही है।
विज्ञापन

मऊ जिले के सराय लखंसी के कहिनौर गांव निवासी धर्मेंद्र मौर्या पुत्र शिवकुमार अवैध शराब कारोबार का बेताज बादशाह था। उसका नेटवर्क यूपी, बिहार, हरियाणा, मध्यप्रदेश तक फैला हुआ है। शराब के कई बड़े माफियों के साथ उठना बैठना है। धर्मेंद्र मौर्या का अवैध शराब पहली बार वर्ष 2006 में सरायलखंसी थाने की पुलिस ने पकड़ा, लेकिन धर्मेंद्र गिरफ्तार नहीं हुआ। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद धर्मेंद्र का नाम शराब तस्करों की श्रेणी में जुड़ा। धर्मेंद्र को लचर आबकारी एक्ट का भी फायदा मिला। इसके बाद वह अपना दायरा बढ़ाता चला गया। पुलिस के मुताबिक 2013 में मुबारकपुर थाना क्षेत्र और 2017 में रौनापार थाना क्षेत्र में शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत के लिए भी धर्मेंद्र ही जिम्मेदार है क्योंकि शराब की सप्लाई इसने ही की थी। धर्मेंद्र के विरुद्ध अब तक मऊ में 17, आजमगढ़ में छह, वाराणसी और सीतापुर जिले में एक-एक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक धर्मेंद्र का माल भले ही पकड़ा गया है, लेकिन धर्मेंद्र की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई। वह कोर्ट में हाजिर होकर अपनी जमानत करा लेता था। प्रभारी निरीक्षक सिधारी अनिल सिंह के मुताबिक धर्मेंद्र मौर्या की भारी मात्रा में शराब पकड़ने वाले पुलिस वालों के खिलाफ उसने मंत्री, विधायक, सांसद से शिकायत करवाकर उनकी जांच शुरू करवा दी। इसका दंश आज भी कई पुलिस वाले झेल रहे हैं। पुलिस के मुताबिक अब तक तीन जिलों के सात नेताओं की संलिप्तता उजागर हुई है। उन नेताओं का चेहरा बेनकाब करने के लिए लैटर पैड जुटाया जा रहा है।
विज्ञापन

--
धमेंद्र मौर्या और उससे जुड़े लोगों का अगला-पिछला रिकार्ड खंगाला जा रहा हैं। जो-जो तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। - त्रिवेणी सिंह, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed