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कलीम की जमानत पर तीन माह बाद होगी सुनवाई
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आजमगढ़। एआईएमआईएम के पूर्व जिलाध्यक्ष कलीम जामई पर लगे एनएसए की अवधि सरकार ने तीन माह के लिए और बढ़ा दिया है। कलीम की जमानत पर अब तीन माह बाद ही कोई सुनवाई शुरू हो सकती है। कलीम जामई पर लगा एनएसए की अवधि 20 मई को खत्म होने वाली थी। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन की तरफ से भेजी गई रिपोर्ट पर सरकार ने यह फैसला लिया है।
सरायमीर थाना क्षेत्र के कोरौली गांव निवासी कलीम जामई आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी (एआईएमआईएम) का पूर्व जिलाध्यक्ष था। वर्तमान समय में वह हमीरपुर जेल में निरुद्ध है। सोशल साइट पर धर्म के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर देने से नाराज कलीम जामई अपने लोगों को उकसाकर 28 अप्रैल 2018 को सरायमीर थाने पर हमला बोल दिया। इस दौरान उसके कार्यकर्ता सरायमीर बाजार के दुकानों में तोडफ़ोड़ करते हुए बंद करा दिया। साथ ही थाने पर हमलाबोलकर एसडीएम, सीओ सहित अन्य पुलिसवालों को घायल कर दिया। साथ ही लूटपाट किया गया। इस दौरान पुलिस बूथ फूंक दिया गया। पुलिस बड़ी मुश्किल से हालात को नियंत्रण में कर पाई। इससे पूर्व 2016 में निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में हुए सांप्रदायिक तनाव के लिए भी कलीम जामई सहित उसके समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया गया है। कलीम जामई पर धार्मिक भावना भड़काने सहित अन्य 22 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लोकसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की तरफ से कलीम जामई पर एनएसए लगाने की रिपोर्ट भेजी गई। 20 फरवरी को कलीम जामई पर तीन माह के लिए एनएसए लगा दिया गया। 19 मई को यह प्रतिबंध खत्म होने वाला था। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन की तरफ से एनएसए की अवधि बढ़ाने की रिपोर्ट भेजी गई। जिसे शासन ने मंजूर कर लिया। अब तीन माह बाद ही कलीम के जमानत आदि पर विचार हो सकेगा। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कलीम जामई पर लगा एनएसए की अवधि तीन माह के लिए शासन ने और बढ़ा दिया है।
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सरायमीर थाना क्षेत्र के कोरौली गांव निवासी कलीम जामई आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी (एआईएमआईएम) का पूर्व जिलाध्यक्ष था। वर्तमान समय में वह हमीरपुर जेल में निरुद्ध है। सोशल साइट पर धर्म के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर देने से नाराज कलीम जामई अपने लोगों को उकसाकर 28 अप्रैल 2018 को सरायमीर थाने पर हमला बोल दिया। इस दौरान उसके कार्यकर्ता सरायमीर बाजार के दुकानों में तोडफ़ोड़ करते हुए बंद करा दिया। साथ ही थाने पर हमलाबोलकर एसडीएम, सीओ सहित अन्य पुलिसवालों को घायल कर दिया। साथ ही लूटपाट किया गया। इस दौरान पुलिस बूथ फूंक दिया गया। पुलिस बड़ी मुश्किल से हालात को नियंत्रण में कर पाई। इससे पूर्व 2016 में निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में हुए सांप्रदायिक तनाव के लिए भी कलीम जामई सहित उसके समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया गया है। कलीम जामई पर धार्मिक भावना भड़काने सहित अन्य 22 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लोकसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की तरफ से कलीम जामई पर एनएसए लगाने की रिपोर्ट भेजी गई। 20 फरवरी को कलीम जामई पर तीन माह के लिए एनएसए लगा दिया गया। 19 मई को यह प्रतिबंध खत्म होने वाला था। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन की तरफ से एनएसए की अवधि बढ़ाने की रिपोर्ट भेजी गई। जिसे शासन ने मंजूर कर लिया। अब तीन माह बाद ही कलीम के जमानत आदि पर विचार हो सकेगा। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कलीम जामई पर लगा एनएसए की अवधि तीन माह के लिए शासन ने और बढ़ा दिया है।
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