{"_id":"59ff55834f1c1bee688b96a3","slug":"151509905795-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज में लापरवाही पर डाक्टर पर केस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इलाज में लापरवाही पर डाक्टर पर केस
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के हर्रा की चुंगी मुहल्ले में स्थित डा. रहमान नर्सिंग होम में शनिवार की दोपहर महिला के इलाज में लापरवाही बरतने पर अस्पताल में तोड़फोड़ हुआ था। इस मामले में महिला के ससुर कृपाशंकर गिरि ने तहरीर देकर शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें अस्पताल संचालक डा. अफजाल रहमान को आरोपित किया है। कृपाशंकर का आरोप है कि बच्चेदानी के आपरेशन के लिए 50 हजार रुपये लेने के बाद भी डाक्टर ने सही आपरेशन नहीं किया। थाने में केस दर्ज कराने के बाद लोग महिला को लेकर घर चले गए। जहां शनिवार की रात आठ बजे उसकी मौत हो गई। घर वालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गाजीपुर के बहरियाबाद थाना क्षेत्र के हुसैनपुर गांव निवासी पूनम गिरि (28) पत्नी रितेश गिरि का मायका कंधरापुर थाना क्षेत्र के मंदुरी गांव में था। पूनम की तबियत खराब होने पर परिवार के लोग उसे शहर के हर्रा की चुंगी मुहल्ले में स्थित डा. रहमान अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां नौ अक्तूबर को अस्पताल में भर्ती हुई पूनम का 11 अक्तूबर को डाक्टर अफजाल ने 50 हजार रुपये लेकर बच्चेदानी का आपरेशन किया था। 17 अक्तूबर को परिवार के लोग पूनम को लेकर घर चले गए। लेकिन तबियत में सुधार न होने पर 22 अक्तूबर को पुन: अस्पताल ले आए। जहां से उसे बीएचयू के लिए रेफर कर दिया गया। लेकिन वहां के डाक्टर ने पूनम को भर्ती नहीं किया। 28 अक्तूबर को परिवार के लोग पूनम को पुन: डा. रहमान के यहां लेकर पहुंचे और भर्ती कराया जहां वह बेहोश पड़ी थी। चार नवंबर दिन शनिवार को लोग आपा खो बैठे और डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा और तोडफ़ोड़ किया। सीओसिटी सच्चिदानंद ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
गाजीपुर के बहरियाबाद थाना क्षेत्र के हुसैनपुर गांव निवासी पूनम गिरि (28) पत्नी रितेश गिरि का मायका कंधरापुर थाना क्षेत्र के मंदुरी गांव में था। पूनम की तबियत खराब होने पर परिवार के लोग उसे शहर के हर्रा की चुंगी मुहल्ले में स्थित डा. रहमान अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां नौ अक्तूबर को अस्पताल में भर्ती हुई पूनम का 11 अक्तूबर को डाक्टर अफजाल ने 50 हजार रुपये लेकर बच्चेदानी का आपरेशन किया था। 17 अक्तूबर को परिवार के लोग पूनम को लेकर घर चले गए। लेकिन तबियत में सुधार न होने पर 22 अक्तूबर को पुन: अस्पताल ले आए। जहां से उसे बीएचयू के लिए रेफर कर दिया गया। लेकिन वहां के डाक्टर ने पूनम को भर्ती नहीं किया। 28 अक्तूबर को परिवार के लोग पूनम को पुन: डा. रहमान के यहां लेकर पहुंचे और भर्ती कराया जहां वह बेहोश पड़ी थी। चार नवंबर दिन शनिवार को लोग आपा खो बैठे और डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा और तोडफ़ोड़ किया। सीओसिटी सच्चिदानंद ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन