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ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकि सहायक से वसूली का निर्देश
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आजमगढ़। बिलरियागंज विकास खंड के बरना जगदीशपुर गांव में हुए विकास कार्यों की ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद हुई जांच में 45920 रुपये गबन का मामला पुष्ट हुआ। इस पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानए सचिव और तकनीकि सहायक से 15307 .15307 रुपये वसूली का आदेश दिया है।
बरना जगदीशपुर गांव निवासी लल्लन सिंह पुत्र स्व. रामवृक्ष सिंह ने डीएम से गांव में हुए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की गई थी। डीएम ने सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, तहसीलदार सगड़ी और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम बनाकर शिकायत की जांच की गई। जांच में 45920 रुपये के गबन की आख्या प्रस्तुत की गई। इस आख्या के आधार पर ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। ग्राम प्रधान द्वारा उपलब्ध कराया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला। इस प्रकार ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकि सहायक द्वारा वर्ष 2017-18 में फर्जी कार्य दिखाकर 45920 रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है। इस पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान विश्वजीत सिंह से 15307 रुपये, सचिव उमाशंकर गौतम से 15307 और तकनीकि सहायक से 15307 रुपये को उक्त पैसे को एक पक्ष के अंदर मनरेगा योजना के तहत खोले गए खाते में जमा किए जाने का निर्देश दिया है। साथ ही यह चेतावनी दी है यदि उन्होंने उक्त धनराशि को जमा नहीं किया तो उनसे भू-राजस्व की भांति वसूली का आदेश पारित कर दिया जाएगा।
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बरना जगदीशपुर गांव निवासी लल्लन सिंह पुत्र स्व. रामवृक्ष सिंह ने डीएम से गांव में हुए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की गई थी। डीएम ने सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, तहसीलदार सगड़ी और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम बनाकर शिकायत की जांच की गई। जांच में 45920 रुपये के गबन की आख्या प्रस्तुत की गई। इस आख्या के आधार पर ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। ग्राम प्रधान द्वारा उपलब्ध कराया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला। इस प्रकार ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकि सहायक द्वारा वर्ष 2017-18 में फर्जी कार्य दिखाकर 45920 रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है। इस पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान विश्वजीत सिंह से 15307 रुपये, सचिव उमाशंकर गौतम से 15307 और तकनीकि सहायक से 15307 रुपये को उक्त पैसे को एक पक्ष के अंदर मनरेगा योजना के तहत खोले गए खाते में जमा किए जाने का निर्देश दिया है। साथ ही यह चेतावनी दी है यदि उन्होंने उक्त धनराशि को जमा नहीं किया तो उनसे भू-राजस्व की भांति वसूली का आदेश पारित कर दिया जाएगा।
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