{"_id":"5ab53f4e4f1c1b21578b624a","slug":"141521827662-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांग्लादेशी युवक और उसका साथी गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बांग्लादेशी युवक और उसका साथी गिरफ्तार
Updated Fri, 23 Mar 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांग्लादेशी युवक और उसका साथी गिरफ्तार
फोटो 10
निशानदेही पर चोरी की सात मोबाइलें हुईं बरामद
शक होने पर एसपी ने सौंपी सीओ सदर को जांच
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। रौनापार थाने की पुलिस शुक्रवार को भदौला ढाला के पास संदिग्ध परिस्थितियों में खड़े दो युवकों को हिरासत में लेकर तलाशी ली तो उनके पास से सात मोबाइलें बरामद हुईं। पूछताछ के दौरान युवकों ने बताया कि बरामद की गई मोबाइलें चोरी की हैं। इसे इन दोनों ने क्षेत्र के लोगों की चुराए हैं। गिरफ्तार चोरों में एक बांग्लादेश का रहने वाला है, लेकिन उसके पास कोई पहचान पत्र नहीं मौजूद है। इस पर एसपी ने उससे पूछताछ कर और जानकारी इकट्ठा करने के लिए सीओ सिटी और सीओ सदर को पूरे मामले की जांच सौंपी है।
एसपी अजय कुमार साहनी के मुताबिक गिरफ्तार चोरों में एक ने अपना नाम रमजान रोशन गजई और पिता का नाम रोशन गजई बताया है। जबकि अपना पता कालीघाट कोलकाता बता रहा है। रमजान ने बताया कि वह मूलरूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। मां के साथ कोलकाता आया और वहां से मुंबई चला गया। जहां उसकी मुलाकात रौनापार थाना क्षेत्र के भदौरा मकरंदपुर गांव निवासी अनिल यादव पुत्र सांचू से हुई और दोनों दोस्त होकर तभी से साथ रह रहे हैं। एसपी ने बताया कि शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक रौनापार राजकुमार सिंह ने भदौरा ढाला से इन दोनों को गिरफ्तार किया। इनके पास से चोरी की सात मोबाइलें बरामद हुई। जिसे इन दोनों ने मिलकर भदौरा निवासी सत्यप्रकाश शुक्ला के घर से दो मोबाइल, अजीत सिंह के घर से तीन मोबाइल और राजन चौरसिया के घर से दो मोबाइल चुराए थे। पूछताछ के दौरान इन दोनों ने बताया कि मुंबई से दोनों साथ भदौरा मकरंद गांव आए थे। एसपी ने बताया कि रमजान रोशन गजई के पास उसका कोई मूल पहचान पत्र नहीं है। जिसकी वजह से उस पर शक हो रहा कि कहीं वह किसी अन्य मिशन में तो नहीं लगा हुआ है। इन सबकी जांच पड़ताल के लिए सीओसिटी सच्चिदानंद और सीओ सदर मो. अकमल खां को जांच सौंपी गई है। दोनों अधिकारी अपने-अपने स्तर से सच का पता लगाने में जुट गए हैं।
आशीष तिवारी
विज्ञापन
फोटो 10
निशानदेही पर चोरी की सात मोबाइलें हुईं बरामद
शक होने पर एसपी ने सौंपी सीओ सदर को जांच
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। रौनापार थाने की पुलिस शुक्रवार को भदौला ढाला के पास संदिग्ध परिस्थितियों में खड़े दो युवकों को हिरासत में लेकर तलाशी ली तो उनके पास से सात मोबाइलें बरामद हुईं। पूछताछ के दौरान युवकों ने बताया कि बरामद की गई मोबाइलें चोरी की हैं। इसे इन दोनों ने क्षेत्र के लोगों की चुराए हैं। गिरफ्तार चोरों में एक बांग्लादेश का रहने वाला है, लेकिन उसके पास कोई पहचान पत्र नहीं मौजूद है। इस पर एसपी ने उससे पूछताछ कर और जानकारी इकट्ठा करने के लिए सीओ सिटी और सीओ सदर को पूरे मामले की जांच सौंपी है।
एसपी अजय कुमार साहनी के मुताबिक गिरफ्तार चोरों में एक ने अपना नाम रमजान रोशन गजई और पिता का नाम रोशन गजई बताया है। जबकि अपना पता कालीघाट कोलकाता बता रहा है। रमजान ने बताया कि वह मूलरूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। मां के साथ कोलकाता आया और वहां से मुंबई चला गया। जहां उसकी मुलाकात रौनापार थाना क्षेत्र के भदौरा मकरंदपुर गांव निवासी अनिल यादव पुत्र सांचू से हुई और दोनों दोस्त होकर तभी से साथ रह रहे हैं। एसपी ने बताया कि शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक रौनापार राजकुमार सिंह ने भदौरा ढाला से इन दोनों को गिरफ्तार किया। इनके पास से चोरी की सात मोबाइलें बरामद हुई। जिसे इन दोनों ने मिलकर भदौरा निवासी सत्यप्रकाश शुक्ला के घर से दो मोबाइल, अजीत सिंह के घर से तीन मोबाइल और राजन चौरसिया के घर से दो मोबाइल चुराए थे। पूछताछ के दौरान इन दोनों ने बताया कि मुंबई से दोनों साथ भदौरा मकरंद गांव आए थे। एसपी ने बताया कि रमजान रोशन गजई के पास उसका कोई मूल पहचान पत्र नहीं है। जिसकी वजह से उस पर शक हो रहा कि कहीं वह किसी अन्य मिशन में तो नहीं लगा हुआ है। इन सबकी जांच पड़ताल के लिए सीओसिटी सच्चिदानंद और सीओ सदर मो. अकमल खां को जांच सौंपी गई है। दोनों अधिकारी अपने-अपने स्तर से सच का पता लगाने में जुट गए हैं।
विज्ञापन
आशीष तिवारी