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मारपीट के तीन आरोपियों को दो वर्ष की कैद
Updated Thu, 01 Feb 2018 11:57 PM IST
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आजमगढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धीरेंद्र कुमार ने मारपीट के तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए दो वर्ष की सजा के साथ कुल सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जब कि इसी मामले का एक अन्य आरोपी रामू के अदालत में हाजिर न होने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।
मुक दमे के अनुसार सिधारी थाना के नरौली मुहल्ला निवासी सूर्यमुखी गोड़ ने 12 अगस्त 1995 को स्थानीय थाने में चार लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने पुलिस को बताया था कि घटना के दिन मेरी जमीन में बरसात का पानी जमा हो गया था। जमा पानी को जब खोल रही थी तो मुहल्ले के मोहन पुत्र रामचंदर, संजय पुत्र महेंद्र, रामू पुत्र रामचंदर , राधिका पत्नी महेंद्र लाठी-डंडा और कुदाल लेकर आए और मुझे मारेपीटे। इस मामले में सिधारी थाना पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन अधिकारी मानिकचंद और सुनील कुमार गुप्ता ने पीड़िता सूर्यमुखी गोड़, अवधेश, फार्मासिस्ट एसके चतुर्वेदीऔर रवींद्र सिंह को बतौर साक्षी पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपी मोहन, संजय और राधिका को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया गया।
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मुक दमे के अनुसार सिधारी थाना के नरौली मुहल्ला निवासी सूर्यमुखी गोड़ ने 12 अगस्त 1995 को स्थानीय थाने में चार लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने पुलिस को बताया था कि घटना के दिन मेरी जमीन में बरसात का पानी जमा हो गया था। जमा पानी को जब खोल रही थी तो मुहल्ले के मोहन पुत्र रामचंदर, संजय पुत्र महेंद्र, रामू पुत्र रामचंदर , राधिका पत्नी महेंद्र लाठी-डंडा और कुदाल लेकर आए और मुझे मारेपीटे। इस मामले में सिधारी थाना पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन अधिकारी मानिकचंद और सुनील कुमार गुप्ता ने पीड़िता सूर्यमुखी गोड़, अवधेश, फार्मासिस्ट एसके चतुर्वेदीऔर रवींद्र सिंह को बतौर साक्षी पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपी मोहन, संजय और राधिका को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया गया।
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