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अभिलेखों में हेराफेरी पर 222 जमीन कब्जाई, होगी एफआईआर
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:17 AM IST
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आजमगढ़। सदर तहसील के बरसड़ा खालसा और नवली के साथ ही लालगंज तहसील के इस्माईलपुर भरथीपुर गांव में ग्राम समाज की जमीन पर अभिलेखों में हेराफेरी कर 222 एकड़ जमीन पर कब्जे के मामले में गुरुवार को जिलाधिकारी ने उक्त भूमि को ग्राम समाज के खाते में दर्ज कर कब्जेधारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
एसओसी ने बड़सरा खालसा गांव के अभिलेखों में पाया कि संदिग्ध फर्जी और अनाधिकृत प्रतिविष्टियों के कारण तालाब, पोखरी, पशुचर, बंजर, खलिहान, भीटा, ऊसर आदि की जमीन पर लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। जब उन्होंने लालगंज तहसील के इस्माईलपुर भरथीपुर गांव के अभिलेखों की जांच की तो यहां पर भी काफी जमीन पर कब्जे के बारे में पता चला। बिना किसी आदेश और अमल दरामद के अभिलेखों में हेराफेरी की गई। उन्होंने इसकी जांच आख्या जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह को उपलब्ध कराई। अमर उजाला ने इसके खुलासा 28 नवंबर के अंक में कर दिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ओमप्रकाश राजभर के तर्कों और एसओसी की जांच आख्या के आधार पर उक्त जमीनों को दोबारा ग्राम समाज के खातों में दर्ज करते हुए दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
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एसओसी ने बड़सरा खालसा गांव के अभिलेखों में पाया कि संदिग्ध फर्जी और अनाधिकृत प्रतिविष्टियों के कारण तालाब, पोखरी, पशुचर, बंजर, खलिहान, भीटा, ऊसर आदि की जमीन पर लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। जब उन्होंने लालगंज तहसील के इस्माईलपुर भरथीपुर गांव के अभिलेखों की जांच की तो यहां पर भी काफी जमीन पर कब्जे के बारे में पता चला। बिना किसी आदेश और अमल दरामद के अभिलेखों में हेराफेरी की गई। उन्होंने इसकी जांच आख्या जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह को उपलब्ध कराई। अमर उजाला ने इसके खुलासा 28 नवंबर के अंक में कर दिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ओमप्रकाश राजभर के तर्कों और एसओसी की जांच आख्या के आधार पर उक्त जमीनों को दोबारा ग्राम समाज के खातों में दर्ज करते हुए दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
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