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जिले के 1871 प्रधानों को भेजी जा रही नोटिस
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आजमगढ़। सहारनपुर, कुशीनगर आदि जगहों पर जहरीली शराब पीने से हुई 100 से अधिक मौत से सबक लेते हुए पुलिस जिले में धड़ल्ले से चल रहे अवैध शराब के कारोबार को जड़ से समाप्त करने की पहल शुरू कर दी है। इसके तहत एसपी बबलू कुमार द्वारा सभी प्रधानों को नोटिस देकर उनकी जवाबदेही तय की गई है। जिले में 1871 ग्राम पंचायत हैं। इनका संगठन काफी मजबूत है। पुलिस का मानना है कि गांव के प्रत्येक गतिविधियों की जानकारी प्रधान को समर्थकों द्वारा मिलती रहती है। ऐसे में पुलिस जिले में हो रहे अवैध शराब के कारोबार को जड़ से समाप्त करने और आरोपियों को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की है। इसके तहत एसपी बबलू कुमार के निर्देश पर सभी थानाध्यक्षों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के प्रधानों को नोटिस भेजी गई है। जिसमें हाल ही में जहरीली शराब से हुई मौतों का जिक्र करते हुए सूचना मांगी गई है कि यदि आपके गांव में जहरीली शराब या कच्ची शराब बनाकर बेची जा रही तो उसकी तत्काल पुलिस को सूचना दें, समय रहते आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके। जो प्रधान इसकी सूचना नहीं देगा। यदि उसके गांव में जहरीली शराब पीने से मौत की घटना होती है तो आरोपियों के साथ-साथ प्रधान की भी संलिप्तता मानी जाएगी। प्रधान को घटना के लिए मौन स्वीकृति देने और आरोपियों का सहयोग करने का दोषी मानते हुए केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि जिले में जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2017 में रौनापार थाने के केवटहिया गांव सहित क्षेत्र के 30 लोगों की मौत के बाद सीएम ने अवैध शराब का कारोबार जड़ से समाप्त करने का निर्देश दिया था, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण ने कहा कि गांव में होने वाली प्रत्येक गतिविधियों की जानकारी प्रधान को होती है। यदि सही समय पर किसी भी घटना की सूचना मिली तो बड़ी से बड़ी घटना पर रोक लगाई जा सकती है। इसीलिए जहरीली या कच्ची शराब बनाने वालों की सूचना प्रधानों से भी मांगी गई है। जो नहीं देगा, यदि उस गांव में घटना होती है तो आरोपियों के साथ-साथ प्रधान की भी संलिप्तता पाई जाएगी। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्षों द्वारा प्रधानों को नोटिस भेजवाई जा रही।
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नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण ने कहा कि गांव में होने वाली प्रत्येक गतिविधियों की जानकारी प्रधान को होती है। यदि सही समय पर किसी भी घटना की सूचना मिली तो बड़ी से बड़ी घटना पर रोक लगाई जा सकती है। इसीलिए जहरीली या कच्ची शराब बनाने वालों की सूचना प्रधानों से भी मांगी गई है। जो नहीं देगा, यदि उस गांव में घटना होती है तो आरोपियों के साथ-साथ प्रधान की भी संलिप्तता पाई जाएगी। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्षों द्वारा प्रधानों को नोटिस भेजवाई जा रही।
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