{"_id":"59aaf2274f1c1b4c738b4d33","slug":"111504375335-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आबकारी इंस्पेक्टर सहित 16 सिपाही हटाए गए 19-11-20","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आबकारी इंस्पेक्टर सहित 16 सिपाही हटाए गए 19-11-20
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। रौनापार, जीयनपुर और बिलरियागंज में सात जुलाई को जहरीली शराब पीने से करीब 30 लोगों की मौत के मामले पुलिस अवैध शराब कारोबारियों का जड़ उखाड़ने में जुट गई है। इसी क्रम में आबकारी आयुक्त हफ्ते भर में जिले में वर्षों से तैनात एक आबकारी इंस्पेक्टर और 15 आबकारी सिपाहियों का तबादला कर दिया है। इनके स्थान पर नए लोगों की तैनाती की गई है।
पुलिस और आबकारी विभाग की शिथिलता के चलते सगड़ी तहसील क्षेत्र के घाघरा नदी के किनारे के गांवों में कच्ची शराब का कारोबार कुटीर उद्योग का रूप ले चुका था। यहां घर-घर शराब बनाई और बेची जाती रही है। पुलिस संलिप्तता और लापरवाही का परिणाम रहा कि रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया गांव, जीयनपुर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत और कई बीमार हो गए। जिनका इलाज आज भी चल रहा है। पिछले महीने 11 अगस्त को पुलिस ने तरवां थाना क्षेत्र के रासेपुर बाजार निवासी एक व्यक्ति के घर छापेमारी कर एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की रेक्टीफाइड स्प्रीट बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि आबकारी विभाग की मिली भगत से यह माल लाकर शराब बनाते और क्षेत्र के सरकारी दूकानों पर सप्लाई करते हैं। इस मामले की जांच अभी लंबित है। पुलिस के इस भंडाफोड़ के बाद आबकारी आयुक्त ने अवैध शराब की बिक्री करवाने की आशंका में पिछले हफ्ते लालगंज तहसील में तैनात आबकारी निरीक्षक आरके सिंह और 15 आबकारी सिपाहियों को हटाकर नए स्टाफ की तैनाती कर दी गई है।
अवैध शराब की बिक्री की आशंका के मद्धेनजर शासन ने बीते कई वर्षों से एक ही जिले में तैनात एक निरीक्षक और 15 सिपाहियों को जिले से हटा दिया। इनके स्थान पर नए स्टाफ की तैनाती की गई है। सभी को अवैध शराब कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। - सूदर्शन, जिला आबकारी अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस और आबकारी विभाग की शिथिलता के चलते सगड़ी तहसील क्षेत्र के घाघरा नदी के किनारे के गांवों में कच्ची शराब का कारोबार कुटीर उद्योग का रूप ले चुका था। यहां घर-घर शराब बनाई और बेची जाती रही है। पुलिस संलिप्तता और लापरवाही का परिणाम रहा कि रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया गांव, जीयनपुर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत और कई बीमार हो गए। जिनका इलाज आज भी चल रहा है। पिछले महीने 11 अगस्त को पुलिस ने तरवां थाना क्षेत्र के रासेपुर बाजार निवासी एक व्यक्ति के घर छापेमारी कर एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की रेक्टीफाइड स्प्रीट बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि आबकारी विभाग की मिली भगत से यह माल लाकर शराब बनाते और क्षेत्र के सरकारी दूकानों पर सप्लाई करते हैं। इस मामले की जांच अभी लंबित है। पुलिस के इस भंडाफोड़ के बाद आबकारी आयुक्त ने अवैध शराब की बिक्री करवाने की आशंका में पिछले हफ्ते लालगंज तहसील में तैनात आबकारी निरीक्षक आरके सिंह और 15 आबकारी सिपाहियों को हटाकर नए स्टाफ की तैनाती कर दी गई है।
विज्ञापन
अवैध शराब की बिक्री की आशंका के मद्धेनजर शासन ने बीते कई वर्षों से एक ही जिले में तैनात एक निरीक्षक और 15 सिपाहियों को जिले से हटा दिया। इनके स्थान पर नए स्टाफ की तैनाती की गई है। सभी को अवैध शराब कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। - सूदर्शन, जिला आबकारी अधिकारी
विज्ञापन