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जांच में प्रभारी सचिव की अनियमितता की हुई पुष्टि
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आजमगढ़। वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 में साधन सहकारी समिति लिमिटेड मेंहनगर के प्रभारी सचिव द्वारा दो मदों में व्यय दिखाकर 562297 रुपये के की गई अनियमितता की पुष्टि हो गई है। इस मामले में एआर कोआपरेटिव राम किंकर द्विवेदी ने अपर जिला सहकारी अधिकारी वीके सिंह को साक्ष्यों सहित एक सप्ताह में आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
एआर कोआपरेटिव रामकिंकर द्विवेदी ने बताया कि प्रभारी सचिव पर अनियमितता के आरोप लगे थे। जांच कमेटी की आख्या में पाया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में गेहूं क्रय केंद्र पर फूलचंद नाम के किसान से दो किग्रा प्रति कुंतलकी दर से गेहूं खरीद में कटौती की गई है, जो नियम विरुद्ध है। जांच अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2021 में उर्वरक व्यवसाय से होने वाली आय की दी गई सूचना भी गलत पाई गई। वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 की कैशबुक और फाइल जांच अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। उर्वरक व्यवसाय के लिए अमानत लेकर व्यवसाय करने संबंधी कोई प्रमाण पत्र नहीं दिखाया गया। समिति के हानि में होते हुए भी बिना विभागीय अनुमति के अपना और चौकीदार का वेतन लिया गया और समिति को घाटे में डाल दिया गया। प्रभारी सचिव के स्पष्टीकरण में स्पष्ट एवं मदवार व्यय न दिखाकर केवल कैशबुक एवं बाउचर आदि की छायाप्रति प्रस्तुत कर इतिश्री कर ली गई। कैशबुक एवं बाउचर की छायाप्रति के अनुसार संबंधित व्यय में अधिकतर व्यय खुद के द्वारा सादे कागज पर बाउचर बनाकर किया गया है। साथ ही निर्धारित सीमा से अधिक व्यय किया गया है। जांच आख्या आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एआर कोआपरेटिव रामकिंकर द्विवेदी ने बताया कि प्रभारी सचिव पर अनियमितता के आरोप लगे थे। जांच कमेटी की आख्या में पाया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में गेहूं क्रय केंद्र पर फूलचंद नाम के किसान से दो किग्रा प्रति कुंतलकी दर से गेहूं खरीद में कटौती की गई है, जो नियम विरुद्ध है। जांच अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2021 में उर्वरक व्यवसाय से होने वाली आय की दी गई सूचना भी गलत पाई गई। वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 की कैशबुक और फाइल जांच अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। उर्वरक व्यवसाय के लिए अमानत लेकर व्यवसाय करने संबंधी कोई प्रमाण पत्र नहीं दिखाया गया। समिति के हानि में होते हुए भी बिना विभागीय अनुमति के अपना और चौकीदार का वेतन लिया गया और समिति को घाटे में डाल दिया गया। प्रभारी सचिव के स्पष्टीकरण में स्पष्ट एवं मदवार व्यय न दिखाकर केवल कैशबुक एवं बाउचर आदि की छायाप्रति प्रस्तुत कर इतिश्री कर ली गई। कैशबुक एवं बाउचर की छायाप्रति के अनुसार संबंधित व्यय में अधिकतर व्यय खुद के द्वारा सादे कागज पर बाउचर बनाकर किया गया है। साथ ही निर्धारित सीमा से अधिक व्यय किया गया है। जांच आख्या आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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