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Azamgarh News: ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों की सिकुड़ रही रेटिना

Tue, 24 Feb 2026 01:39 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:39 AM IST
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Children's retina shrinking due to excessive screen time
मरीज की आंख की जांच करते डॉ. रजनीश कुमार सेठ। संवाद - फोटो : samvad
बलरामपुर। डिजिटल युग में बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम उनकी आंखों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कुमार सेठ ने चिंता जताते हुए बताया कि अधिक समय तक मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर स्क्रीन देखने से बच्चों की रेटिना सिकुड़ रही है और कम उम्र में ही मायोपिया (निकट दृष्टिदोष) की समस्या बढ़ रही है।उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 80 से 85 मरीज ओपीडी में आ रहे। इसमें आठ से दस मरीज इस तरह के आ रहे। यह समस्या 15 साल से कम उम्र के बच्चों में अधिक मिल रही है। इससे उनकी आंखों में सूखापन आ रहा है।रेटिना पर दबाव पड़ रहा है। इसका परिणाम यह हो रहा कि छोटी उम्र में ही चश्मा लगाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लगातार स्क्रीन देखने से ब्लिंक रेट कम हो जाता है, जिससे आंखें ड्राई हो जाती हैं इससे कार्नियां प्रभावित हो सकती है। ज्यादा स्क्रीन टाइम और कम आउटडोर एक्टिविटी मायोपिया का प्रमुख कारण है। विद्यालय में शिक्षकों को भी ध्यान देना चाहिए कि जो बच्चे पीछे बैठे हैं उन्हें ब्लैक बोर्ड पर साफ दिखाई दे रहा है या नहीं। अगर नहीं दिखाई दे रहा है तो परिजन को सूचना दें जिससे बच्चों का सही समय पर इलाज हो सके।
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अभिभावक ये करें
- बच्चों की आंखों की नियमित जांच कराएं।
- अभिभावक बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करें।
- बच्चों को प्राकृतिक रोशनी में समय बिताने दें।
- बच्चों की डिजिटल आदतों पर नजर रखें।
- स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करें।
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