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चंद्रशेखर जी को सत्ता से नहीं, देश से था प्यार: यशवंत सिंह

Wed, 08 Jul 2020 10:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 10:48 PM IST
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Chandrashekhar ji was not in power but loved the country: Yashwant Singh
जहानागंज। ब्लाक के रामपुर में श्री चंद्रशेखर स्मारक ट्रस्ट में बुधवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री युवा तुर्क नेता चंद्रशेखर की 12वीं पुण्यतिथि प्रेरणा दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
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संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर जी को सत्ता से नहीं बल्कि देश से प्यार था जातिवाद परिवारवाद धर्म वाद के नारे को मिटाकर राष्ट्रवाद के नारे को सार्थक करना ही चंद्रशेखर जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। चंद्रशेखर जी का संघर्षमय जीवन हम सभी के लिए प्रेरणाश्रोत है तथा आज के राजनीतिक परिवेश में अत्यंत प्रासंगिक है इससे हर किसी को प्रेरणा लेनी चाहिए। इसी क्रम में यशवंत सिंह के पुत्र सुल्तानीपुर मऊ के जिला पंचायत सदस्य विक्रांत सिंह रिशू ने कहा कि आज देश में सत्ता के लिए संघर्ष हो रहा है। लेकिन अकेले चंद्रशेखर जी का व्यक्तित्व था, जिन्होंने सत्ता को लात मारकर जनता के लिए संघर्षों का रास्ता चुना। इसी का परिणाम है कि लोकतंत्र जब तानाशाही की ओर चलती है तो चंद्रशेखर जी के संघर्षों की याद आती है। उदयशंकर चौरसिया ने कहा कि आज हमारे देश में दो धाराओं के बीच संघर्ष हो रहा है। एक तरफ वे लोग हैं जो परिवारवाद जातिवाद और धर्मवाद के नाम पर सत्ता हथियाने के लिए किसी भी स्तर तक जा सकते हैं। वही दूसरी ओर एक ऐसा व्यक्तित्व जो 130 करोड़ लोगों की बात करता है। संचालन करते हुए शिक्षक नेता कमलेश राय ने कहा इतिहास गवाह है कि देश में जब भी तानाशाही हुकूमत बढ़ी है, उसके विरुद्ध चंदशेखर जी चट्टान की तरह अडिग होकर खड़े हुए है। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला पंचायत सदस्य विक्रांत सिंह रिशु ने चंद्रशेखर जी की आदमकद मूर्ति पर माल्यापर्ण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर रमेश कनौजिया, स्वतंत्र सिंह मुन्ना , दिलीप मिश्र, अतुल चौबे, राहुल चंदेल, हन्नी सिंह, अरविंद सिंह, राम अवतार जायसवाल, कमला सिंह आदि मौजूद रहे। संगोष्ठी समारोह की अध्यक्षता ट्रस्ट के प्रबंधक बृजेश कांदु तथा संचालन कमलेश राय ने किया।
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