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ट्रेनी नर्सो के भरोसे जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल

Thu, 24 Dec 2020 11:41 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 11:41 PM IST
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Care of patients admitted in the district hospital with the help of trainee nurses
बलरामपुर। जिला अस्पताल के वार्डो में भर्ती मरीजों के देखभाल की जिम्मेदारी वर्तमान में पूरी तरह से ट्रेनी नर्सो के भरोसे हो गई है। अस्पताल की रेग्युलर नर्से अपने ड्यूटी कक्षों में बैठ कर हीटर जला कर आग तापने में ही मशगूल है। भर्ती मरीजों के जीवन से जम कर खिलवाड़ हो रहा है और सबकुछ जानते हुए भी अस्पताल प्रशासन शांत बैठा हुआ है।
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नर्सिंग का कोर्स कर रहे ट्रेनी नर्स इन दिनों जिला अस्पताल पर प्रैक्टिस के लिए आये हुए है। इसमें महिला नर्सों के साथ ही पुरूष भी शामिल है। विभिन्न प्राइवेट कालेजों के ये ट्रेनी नर्स ही इन दिनों अस्पताल के वार्डो में भर्ती मरीजों की देखरेख कर रहे है। दवा देने के साथ ही साथ इंजेक्शन, ड्रीप आदि भी इन्हीं के द्वारा लगाया जा रहा है। नियमत: ये ट्रेनी नर्से है और अस्पताल के रेग्युलर नर्सो की उपस्थित में मरीजों की देखरेख की कवायद इनके द्वारा की जानी चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। रेग्युलर नर्से इन ट्रेनी नर्सो के भरोसे ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को छोड़ दिया है और खुद अपने ड्यूटी कक्षों में हीटर लगा कर आराम से बैठीं हैं। 10 बजते ही ट्रेनी नर्सों यहां पहुंच जा रही है और इसके बाद रेग्युलर नर्स भर्ती मरीजों की सारी जिम्मेदारी उन्हें सौंप अपने जिम्मेदारियों की इतिश्री कर ले रही है। ट्रेन नर्स भी अस्पताल पहुंचते ही मरीजों की भर्ती पर्ची लेकर आपस में यह समझने लग रही है कि किस मरीज को क्या दवा देनी है और क्या इंजेक्शन लगाना है। इसके बाद अस्पताल से मिलने वाली दवा व इंजेक्शन चेक करती है और होता है तो उसे ही लेकर मरीज के पास पहुंच जाती है अथवा पर्ची लिख कर तीमारदार को दे देती है और संबंधित दवा अथवा इंजेक्शन बाहर से लाने को कह देती है।
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बुलाने के बाद भी वार्ड में नहीं पहुंचती
बलरामपुर। यदि किसी मरीज की हालत गंभीर होती है और तीमारदार नर्सो के ड्यूटीकक्ष में पहुंच कर मरीज को देखने को कहता है तो भी रेग्युलर स्टाफ नर्स मरीज के बेड तक नहीं आती हैै और ट्रेनी नर्सों को ही भेज कर कोरम पूरा कराती है। ऐसा नहीं है कि अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है फिर भी महकमा मूकदर्शक बना हुआ है।
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