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लेखपाल परीक्षा , उमड़े अभ्यर्थी, प्रशासन रहा चौकन्ना
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 13 Sep 2015 11:51 PM IST
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जनपद में आयोजित लेखपाल भर्ती परीक्षा केे रविवार को सकुशल संपन्न होने पर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। परीक्षा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही जिलाधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। परीक्षा की शुचिता का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी ने रविवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज और डीएवी इंटर कालेज का निरीक्षण किया।
64398 परीक्षार्थियों को शामिल होना था लेकिन 17 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षार्थियों को देखते हए जिला प्रशासन ने 47 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 24 सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ ही 947 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की थी। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से तीन एसएसपी, छह सीओ, 16 थानाध्यक्ष, आठ उपनिरीक्षक, पांच सौ कांस्टेबल, एक कंपन पीएसी और पांच सौ होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई थी।
परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था के साथ ही इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त बसें रखी गई थी। वहीं, बाहर से आए परीक्षार्थियों ने जिला प्रशासन के प्रयास की सराहना की।
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लेखपाल भर्ती परीक्षा देने के लिए शनिवार की रात शहर आए बाहर के परीक्षार्थियों को होटलों में जगह नहीं मिली, जबकि उनके पास आईडी था। ऐसे में उन्हें सड़क पर रात गुजारनी पड़ी। रविवार की सुबह पहली पाली में परीक्षा होने के चलते दूसरे जनपद या दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थी शनिवार की रात को ही शहर में आ गए थे।
सबसे ज्यादा परेशानी बाहर से आने वाली महिलाओं और लड़कियों को हुई। एक साथ 32 हजार से अधिक परीक्षार्थियों के पहुंचने से पूरे जनपद में छात्रों की भीड़ जमा हो गई। परीक्षा के बाद घर जाने के लिए रोडवेज स्टैंड पहुंचे पटना (बिहार) निवासी बबलू कुमार, प्रकाश कुमार और रंजीत सिंह ने बताया कि होटल और लाज वालों ने ठहरने नहीं दिया लेकिन आवागमन और सुरक्षा की जो व्यवस्था की गई थी, वह काबिलेतारिफ थी।
वहीं, बलिया के सत्येंद्र कुमार यादव ने बताया कि होटलों में जगह न मिलने के कारण उन्हें रात सड़क पर गुजारनी पड़ी। परीक्षा केंद्र पर पानी आदि की व्यवस्था प्रशासन द्वारा काफी अच्छी की गई थी।
लेखपाल भर्ती परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को आवागमन संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए परिवहन निगम विभाग की तरफ से विशेषतौर पर बसों का संचालन किया गया था। इस दौरान रोडवेज अधिकारियों ने कुछ लंबी दूरी की बसों को काटकर उन्हें वाराणसी, जौनपुर, मऊ आदि मार्गों पर चलवाया।
आरएम धर्मेंद्र कुमार के निर्देश पर एआरएम आजमगढ़ वीपीएन सिंह और अंबेडकर डिपो संतोष श्रीवास्तव बसों के संचालन और गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।
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64398 परीक्षार्थियों को शामिल होना था लेकिन 17 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षार्थियों को देखते हए जिला प्रशासन ने 47 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 24 सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ ही 947 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की थी। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से तीन एसएसपी, छह सीओ, 16 थानाध्यक्ष, आठ उपनिरीक्षक, पांच सौ कांस्टेबल, एक कंपन पीएसी और पांच सौ होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई थी।
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परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था के साथ ही इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त बसें रखी गई थी। वहीं, बाहर से आए परीक्षार्थियों ने जिला प्रशासन के प्रयास की सराहना की।
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लेखपाल भर्ती परीक्षा देने के लिए शनिवार की रात शहर आए बाहर के परीक्षार्थियों को होटलों में जगह नहीं मिली, जबकि उनके पास आईडी था। ऐसे में उन्हें सड़क पर रात गुजारनी पड़ी। रविवार की सुबह पहली पाली में परीक्षा होने के चलते दूसरे जनपद या दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थी शनिवार की रात को ही शहर में आ गए थे।
सबसे ज्यादा परेशानी बाहर से आने वाली महिलाओं और लड़कियों को हुई। एक साथ 32 हजार से अधिक परीक्षार्थियों के पहुंचने से पूरे जनपद में छात्रों की भीड़ जमा हो गई। परीक्षा के बाद घर जाने के लिए रोडवेज स्टैंड पहुंचे पटना (बिहार) निवासी बबलू कुमार, प्रकाश कुमार और रंजीत सिंह ने बताया कि होटल और लाज वालों ने ठहरने नहीं दिया लेकिन आवागमन और सुरक्षा की जो व्यवस्था की गई थी, वह काबिलेतारिफ थी।
वहीं, बलिया के सत्येंद्र कुमार यादव ने बताया कि होटलों में जगह न मिलने के कारण उन्हें रात सड़क पर गुजारनी पड़ी। परीक्षा केंद्र पर पानी आदि की व्यवस्था प्रशासन द्वारा काफी अच्छी की गई थी।
लेखपाल भर्ती परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को आवागमन संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए परिवहन निगम विभाग की तरफ से विशेषतौर पर बसों का संचालन किया गया था। इस दौरान रोडवेज अधिकारियों ने कुछ लंबी दूरी की बसों को काटकर उन्हें वाराणसी, जौनपुर, मऊ आदि मार्गों पर चलवाया।
आरएम धर्मेंद्र कुमार के निर्देश पर एआरएम आजमगढ़ वीपीएन सिंह और अंबेडकर डिपो संतोष श्रीवास्तव बसों के संचालन और गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।