{"_id":"5daf3f6b8ebc3e015742390d","slug":"business-of-20-crores-affected-by-strike-by-bank-organizations-azamgarh-news-vns49059435","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक संगठनों की हड़ताल से अरबों का कारोबार प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक संगठनों की हड़ताल से अरबों का कारोबार प्रभावित
विज्ञापन
आजमगढ़। बैंकों के विलय के विरोध में आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन और बैंक इंप्लाइज फेडरेशन आफ इंडिया के आह्वान पर मंगलवार को बैंक कर्मचारी संगठन के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल से स्टेट बैंक आफ इंडिया और ग्रामीण बैंक की कुछ शाखाएं बाहर रही। फिर भी 30 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
बैंकों की इस हड़ताल से जनपद में स्थित 350 शाखाएं इस हड़ताल से प्रभावित रहीं। हड़ताल में सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण बैंक और कोआपरेटिव बैंक पूर्ण रूप से बंद रहे। इस दौरान हड़ताली बैंक कर्मचारियों ने यूनियन बैंक के सिविल लाइन स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर धरने का आयोजन किया। जिसमें यूनियन बैंक स्टाफ एसोसिएशन के उपाध्याक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि आज स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि हमारे ही साथ के लोग सरकार के साथ हो चुके हैं। हमारे मेहनतकश साथियों के अथक प्रयास से हड़ताल को सफल बनाने की जगह सरकार से मिलकर अपना उल्लू सीधा करते हैं। विष्णु गुप्ता ने कहा कि सरकार बैंकों को प्राइवेट करके निरीह कर्मचारी और जनता को उल्लू बनाना चाहती है। जिसे कर्मचारी और जनता जान चुके हैं। हमारी मांग है कि बैंकों का विलय रोका जाए, जनविरोधी बैंकिंग सुधारों को रोका जाए, खराब ऋणों की वसूली सुनिश्चित कर ऋण न चुुकाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। दंडात्मक शुल्क लगाकर ग्राहकों केे प्रताड़ित न किया जाने सहित हमारी अन्य मांगें भी हैं। जिसे लेकर हमने आज हड़ताल की है। इस हड़ताल में स्टेट बैंक और ग्रामीण बैंक की कुछ शाखाओं को छोड़कर किसी शाखा में कार्य नहीं हुआ। इस हड़ताल से 30 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। जबकि लगभग 10 करोड़ रुपये की क्लीयरिंग ठप रही। इस मौके पर दुर्गा शंकर प्रसाद, राजेश प्रताप, सत्यनारायण, राजकुमार, कमलेश, संजीव, सदरे आलम, अखिलेश यादव, विनोद र्माय, शमसाद, सरफराज आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
बैंकों की इस हड़ताल से जनपद में स्थित 350 शाखाएं इस हड़ताल से प्रभावित रहीं। हड़ताल में सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण बैंक और कोआपरेटिव बैंक पूर्ण रूप से बंद रहे। इस दौरान हड़ताली बैंक कर्मचारियों ने यूनियन बैंक के सिविल लाइन स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर धरने का आयोजन किया। जिसमें यूनियन बैंक स्टाफ एसोसिएशन के उपाध्याक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि आज स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि हमारे ही साथ के लोग सरकार के साथ हो चुके हैं। हमारे मेहनतकश साथियों के अथक प्रयास से हड़ताल को सफल बनाने की जगह सरकार से मिलकर अपना उल्लू सीधा करते हैं। विष्णु गुप्ता ने कहा कि सरकार बैंकों को प्राइवेट करके निरीह कर्मचारी और जनता को उल्लू बनाना चाहती है। जिसे कर्मचारी और जनता जान चुके हैं। हमारी मांग है कि बैंकों का विलय रोका जाए, जनविरोधी बैंकिंग सुधारों को रोका जाए, खराब ऋणों की वसूली सुनिश्चित कर ऋण न चुुकाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। दंडात्मक शुल्क लगाकर ग्राहकों केे प्रताड़ित न किया जाने सहित हमारी अन्य मांगें भी हैं। जिसे लेकर हमने आज हड़ताल की है। इस हड़ताल में स्टेट बैंक और ग्रामीण बैंक की कुछ शाखाओं को छोड़कर किसी शाखा में कार्य नहीं हुआ। इस हड़ताल से 30 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। जबकि लगभग 10 करोड़ रुपये की क्लीयरिंग ठप रही। इस मौके पर दुर्गा शंकर प्रसाद, राजेश प्रताप, सत्यनारायण, राजकुमार, कमलेश, संजीव, सदरे आलम, अखिलेश यादव, विनोद र्माय, शमसाद, सरफराज आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन