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परिसीमन कर मंडल और सेक्टर की समितियों में जान फूंकेगी भाजपा
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आजमगढ़। लोकसभा चुनाव में जनपद की दोनों लोकसभा सीटों को हारने वाली भाजपा ने विस चुनाव से पहले ही कसरत शुरू कर दी है। मंडल और सेक्टरों को पुनर्गठन के लिए परिसीमन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस बारे छोटे सेक्टर और मंडल बनाने पर जोर है। ताकि समितियों को अधिक सक्रिय कर पार्टी की नीतियों और शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाए। इससे मंडलों और सेक्टरों की संख्या में इजाफा होने के आसार है।
पिछले लोकसभा चुनाव में प्रदेश में शानदार जीत के बाद भी पूर्वांचल की कुछ ऐसी सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था जहां पिछली बार उन्हें जीत हासिल हुई थी। इसमें आजमगढ़ जनपद की लालगंज लोकसभा सीट भी शामिल है। लोकसभा चुनाव के बाद अब आगे विधानसभा चुनाव होंगे। इसे लेकर भाजपा की ओर से अभी से ही तानाबाना बुनना शुरू कर दिया गया है। शुरुआत संगठनात्मक ढांचे को लेकर की गई है। इसमें भी सबसे निचले स्तर को पहले पकड़ा गया है। भाजपा की ओर से अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और बूथ कमेटियों को अधिक सक्रिय बनाने के लिए मंडल, सेक्टर और बूथों को परिसीन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंडल के तीनों जिले में इसके प्रभारी भी तैनात कर दिए गए हैं। आजमगढ़ में इसके लिए पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम नरायाण पांडेय, मऊ में सुनील गुप्ता और बलिया में जय प्रकाश साहू को संयोजक बनाया गया है। परिसीमन के बाद मंडल के साथ ही सेक्टरों की संख्या में इजाफा होगा। दोनों की स्थानों पर नजदीकी और सीमित संख्या में बूथों को शामिल किया जाएगा। भाजपा के वरिष्ठ सूत्रों की मानें तो ये प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने वाली है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
ऐसी होगी संरचना
सेक्टर : नई प्रक्रिया के अनुसार एक सेक्टर में अब बूथों की संख्या सात से ज्यादा और चार से कम नहीं होगी। नजदीकी बूथों को सेक्टरों में शामिल किया जाएगा। ताकि सेक्टर की समिति बूथों पर आसानी से नजर रख सके। पहले एक सेक्टर में 10 से ज्यादा भी बूथ रखे जाते थे।
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मंडल : एक मंडल में अब 100 से ज्यादा और 80 से कम बूथ नहीं होंगे। इसमें भी नजदीकी बूथों को रखा जाएगा। बूथ एक ही विधानसभा के होंगे। इससे मंडल की समिति सेक्टर और बूथों पर ज्यादा ध्यान दे पाएगी। एक विधानसभा में कम से कम एक मंडल बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
उद्देश्य : इसके पीछे पार्टी का उद्देश्य है कि मंडल, सेक्टर और बूथों की कमेटियों को अधिक से अधिक सक्रिय किया जाए। ताकि पार्टी की नीतियां और सरकारी योजनाएं जनजन तक आसानी से पहुंचाई जा सके। पहले प्रत्येक बूथों पर बाइक, मोबाइल और अन्य प्रकार की कमेटियां गठित हैं।
कहां कैसी संरचना
जनपद मंडल सेक्टर बूथ
आजमगढ़ 32 342 3942
बलिया 21 245 2566
मऊ 13 197 1754
पार्टी के निर्देश पर मंडल, सेक्टर और बूथों की परिसीमन किया जा रहा है। इसके लिए जिलेवार संयोजक तैनात कर दिए गए हैं। कार्य जल्द ही पूरा होने वाला है। इससे बूथ तक पार्टी को मजबूती हासिल होगी।
सहजानंद राय, क्षेत्रीय महामंत्री भाजपा
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पिछले लोकसभा चुनाव में प्रदेश में शानदार जीत के बाद भी पूर्वांचल की कुछ ऐसी सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था जहां पिछली बार उन्हें जीत हासिल हुई थी। इसमें आजमगढ़ जनपद की लालगंज लोकसभा सीट भी शामिल है। लोकसभा चुनाव के बाद अब आगे विधानसभा चुनाव होंगे। इसे लेकर भाजपा की ओर से अभी से ही तानाबाना बुनना शुरू कर दिया गया है। शुरुआत संगठनात्मक ढांचे को लेकर की गई है। इसमें भी सबसे निचले स्तर को पहले पकड़ा गया है। भाजपा की ओर से अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और बूथ कमेटियों को अधिक सक्रिय बनाने के लिए मंडल, सेक्टर और बूथों को परिसीन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंडल के तीनों जिले में इसके प्रभारी भी तैनात कर दिए गए हैं। आजमगढ़ में इसके लिए पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम नरायाण पांडेय, मऊ में सुनील गुप्ता और बलिया में जय प्रकाश साहू को संयोजक बनाया गया है। परिसीमन के बाद मंडल के साथ ही सेक्टरों की संख्या में इजाफा होगा। दोनों की स्थानों पर नजदीकी और सीमित संख्या में बूथों को शामिल किया जाएगा। भाजपा के वरिष्ठ सूत्रों की मानें तो ये प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने वाली है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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ऐसी होगी संरचना
सेक्टर : नई प्रक्रिया के अनुसार एक सेक्टर में अब बूथों की संख्या सात से ज्यादा और चार से कम नहीं होगी। नजदीकी बूथों को सेक्टरों में शामिल किया जाएगा। ताकि सेक्टर की समिति बूथों पर आसानी से नजर रख सके। पहले एक सेक्टर में 10 से ज्यादा भी बूथ रखे जाते थे।
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मंडल : एक मंडल में अब 100 से ज्यादा और 80 से कम बूथ नहीं होंगे। इसमें भी नजदीकी बूथों को रखा जाएगा। बूथ एक ही विधानसभा के होंगे। इससे मंडल की समिति सेक्टर और बूथों पर ज्यादा ध्यान दे पाएगी। एक विधानसभा में कम से कम एक मंडल बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
उद्देश्य : इसके पीछे पार्टी का उद्देश्य है कि मंडल, सेक्टर और बूथों की कमेटियों को अधिक से अधिक सक्रिय किया जाए। ताकि पार्टी की नीतियां और सरकारी योजनाएं जनजन तक आसानी से पहुंचाई जा सके। पहले प्रत्येक बूथों पर बाइक, मोबाइल और अन्य प्रकार की कमेटियां गठित हैं।
कहां कैसी संरचना
जनपद मंडल सेक्टर बूथ
आजमगढ़ 32 342 3942
बलिया 21 245 2566
मऊ 13 197 1754
पार्टी के निर्देश पर मंडल, सेक्टर और बूथों की परिसीमन किया जा रहा है। इसके लिए जिलेवार संयोजक तैनात कर दिए गए हैं। कार्य जल्द ही पूरा होने वाला है। इससे बूथ तक पार्टी को मजबूती हासिल होगी।
सहजानंद राय, क्षेत्रीय महामंत्री भाजपा