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बीएचयू: जांच चलने तक चीफ प्रॉक्टर नहीं ले सकेंगे फैसला, कुलपति को मिला अधिकार; अभाविप का आंदोलन खत्म

Mon, 12 Oct 2026 04:44 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 12 Oct 2026 04:44 PM IST
सार

बीएचयू में जांच पूरी होने तक चीफ प्रॉक्टर किसी मामले में निर्णय नहीं ले सकेंगे। कुलपति को निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उधर, विभिन्न मांगों को लेकर 19 दिनों से चल रहा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) कार्यकर्ताओं का आंदोलन समाप्त हो गया। कुलपति ने जूस पिलाकर कार्यकर्ताओं की हड़ताल खत्म कराई।

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BHU Chief Proctor barred making decisions pending inquiry authority vested in Vice-Chancellor
BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू कैंपस में अभाविप कार्यकर्ताओं की ओर से चीफ प्रॉक्टर को हटाने और छात्रों से जुड़ी मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 19वें दिन शनिवार को समाप्त हो गया। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने केंद्रीय कार्यालय पर हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं को जूस पिलाकर हड़ताल खत्म कराया। अभाविप की मांग पर जांच कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही जांच चलने और रिपोर्ट आने तक चीफ प्रॉक्टर छात्रों से जुड़ा कोई निर्णय नहीं ले सकेंगे। सभी फैसले लेने का अधिकार कुलपति के पास रहेगा। 

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विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, पारदर्शिता और न्याय से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अभाविप बीएचयू इकाई की ओर से 18 दिन से आंदोलन किया जा रहा था। दो दिन से छात्र हड़ताल पर थे। शनिवार को कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी धरनास्थल पर पहुंचे और भूख हड़ताल समाप्त कराई। छात्रों की मांगों पर लिए गए निर्णय का लिखित पत्र भी दिया गया।
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शनिवार को अहम निर्णय के बाद अभाविप बीएचयू इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन, मंत्री अनुराग तिवारी ने इसे आंदोलन का परिणाम बताया। कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्धारित समयसीमा के भीतर इन निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए, ताकि छात्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।

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जांच समिति का गठन और चीफ प्रॉक्टर की भूमिका पर निर्णय: विश्वविद्यालय में अभाविप की मांग पर छात्र मामलों की समन्वय समिति की ओर से एक पत्र जारी किया गया। इसमें भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन की बातचीत हुई। इसमें जांच समिति गठित करने पर सहमति बनी है। 

बैठक में यह भी तय हुआ कि जांच समिति की रिपोर्ट आने तक चीफ प्रॉक्टर छात्र मामलों से संबंधित शक्तियों का प्रयोग नहीं करेंगे। इस अवधि में संबंधित निर्णय कुलपति द्वारा लिए जाएंगे। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना 12 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। 

ये निर्णय भी हुए

  • अनुशासनात्मक कार्रवाई से प्रभावित छात्र अपील कर सकेंगे, अपीलों पर निर्णय की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
  • सीसीटीवी कैमरों, प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। संवेदनशील स्थानों की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
  • खाद्य दुकानों पर निर्धारित दर सूची के पालन के लिए विक्रेताओं को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा जाएगा।
  • परिसर में तेज-लापरवाही से वाहन चलाने, खेल मैदान में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित किया जाएगा।
  • मधुबन क्षेत्र में 24 घंटे पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।
  • सुरक्षा गार्डों के वेतन संबंधी मुद्दों की डीजीएमएस के दिशा-निर्देशों के आलोक में समीक्षा की जाएगी।
  • निर्णय-पत्र के अनुसार, कार्यों को 45 दिनों में पूरा करने का प्रयास होगा।
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