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Sawan Last Somwar: गौरा के साथ विराजमान हुए बाबा भंवरनाथ, फलों से हुआ श्रृंगार, अद्भुत छटा देख निहाल हुए भक्त
Tue, 29 Aug 2023 10:21 AM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 29 Aug 2023 10:21 AM IST
सार
नगर से तीन किमी की दूरी पर स्थित बाबा भंवरनाथ का सैकड़ों साल पुराना भव्य मंदिर है। यहां मान्यता है कि बाबा से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। बाबा भंवरनाथ अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करते हैं। मंदिर में हर दिन बाबा का दिव्य श्रृंगार किया जाता है। सावन में एक अनोखे रूप में श्रृंगार होता है।इस साल सावन मलमास को लेकर 2 महीने था जिसमें 8 सोमवार पड़े।
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गौरा के साथ विराजमान हुए बाबा भंवरनाथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नगर से सटे बाबा भंवरनाथ मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को श्रृंगार मंडली द्वारा बाबा भंवरनाथ का फलों से भव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा के साथ मां गौरा की मंदिर परिसर में बिराजमान हुई। जिनके दर्शन के लिए बाबा के भक्त देर रात तक जमे रहे। श्रृंगार के बाद भस्म आरती उतारकर भक्तों में प्रसाद का वितरण हुआ।
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नगर से तीन किमी की दूरी पर स्थित बाबा भंवरनाथ का सैकड़ों साल पुराना भव्य मंदिर है। यहां मान्यता है कि बाबा से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। बाबा भंवरनाथ अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करते हैं। मंदिर में हर दिन बाबा का दिव्य श्रृंगार किया जाता है। सावन में एक अनोखे रूप में श्रृंगार होता है।इस साल सावन मलमास को लेकर 2 महीने था जिसमें 8 सोमवार पड़े। अगर हम श्रृंगार की बात करें सावन के हर सोमवार के दिन बाबा को अलग-अलग रूप में सजाया गया। कभी तिरुपति बालाजी के रूप में, कभी महाकाल के रूप में, कभी सरासर बालाजी के रूप में, कभी जगन्नाथ सरकार जी के रूप में तो कभी बालाजी के रूप में, वहीं सावन के आखरी सोमवार के दिन बाबा भंवरनाथ का श्रृंगार शिव गौरा के रूप में किया गया। श्रृंगार होने के बाद बाबा को छप्पन भोग लगाया गया और लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। शाम सात बजे शुरू हुआ श्रृंगार रात 11 बजे तक चला। इसके बाद बाबा की भस्म आरती की गई और श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया।
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