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धान खरीद में आजमगढ़ ने मंडल में मारी बाजी
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आजमगढ़। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत द्वारा शुक्रवार की देर शाम कमिश्नरी सभागार में मंडल में हुई धान खरीद की समीक्षा की गई। समीक्षा में उन्होंने पाया कि मंडल में आजमगढ़ में सबसे ज्यादा धान की खरीद की गई है जबकि भुगतान के मामले में सबसे पीछे बलिया है।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर अनुबन्धित मिलों के किए गए निरीक्षण में वहां का रख रखाव दुरुस्त नहीं पाया गया है। मिलों में आवक तथा सीएमआर का रजिस्टर सुदृढ़ नहीं पाया गया है। संबंधित अधिकारियों को तत्काल इस ओर ध्यान देकर रजिस्टर आदि सुदृढ़ कराने का निर्देश दिया। भुगतान एवं बकाए की समीक्षा में पाया कि खाद्य विभाग का आजमगढ़ में 172.83 लाख, मऊ में 31.65 लाख एवं बलिया में 268.97 लाख बकाया है। इसी प्रकार पीसीएफ का आजमगढ़ में 338.85 लाख, मऊ में 508.68 लाख एवं बलिया में 724.82 लाख बकाया है। इस प्रकार मण्डल के जनपदों में धान खरीद के लिए नामित अन्य क्रय एजेंसियों का भी बकाया है। भुगतान लंबित रहने के सम्बन्ध में क्रय एजेन्सियों द्वारा टेक्निकल खराबी बताया गया। मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि तत्काल भुगतान किया जाए। उन्होंने तीनों जनपदों के एडीएम को निर्देश दिया कि टेक्निकल खराबी से, 72 घंटे से अधिक समय के लंबित भुगतान और भुगतान लंबित रहने के कारण आदि का पूर्ण विवरण तीन दिन में उपलब्ध कराएं। उन्होंने 20 फरवरी तक ब्लाक गोदामों को भरने, गोदामों की क्षमता, गत माह की स्थिति का विवरण भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही राईस मिलों द्वारा जो सीएमआर दिया जाना था उसके सापेक्ष दिए गए सीएमआर की स्थिति, रजिस्टर मेंटेन करने की स्थिति की भी रिपोर्ट तीन दिन में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। संभागीय खाद्य नियंत्रक राजेश कुमार उपाध्याय ने मंडल में अब तक हुई धान खरीद के बारे में बताया कि मंडल का कुल लक्ष्य 220000 एमटी निर्धारित था जिसके सापेक्ष कुल 226562.60 एमटी खरीद की गई है। जो लक्ष्य का 102.98 प्रतिशत है। जिसमें आजमगढ़ में लक्ष्य 60000 एमटी के सापेक्ष 72160.73 एमटी (120.27 प्रतिशत), मऊ में 50000 एमटी के सापेक्ष 39041.34 एमटी (78.08 प्रतिशत) तथा बलिया में निर्धारित लक्ष्य 110000 एमटी के सापेक्ष 115360.52 एमटी (104.87 प्रतिशत) की खरीद हुई है। मंडलायुक्त ने मऊ में कम खरीद पर नाराजगी व्यक्त किया तथा निर्देश दिया कि 28 फरवरी तक धान की खरीद की जानी है, इसलिए बचे हुए दिनों में अधिक से अधिक धान क्रय कर प्रगति में और सुधार लाएं। इस मौके पर मंडल के तीनों जनपद के अधिकारी उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि समय-समय पर अनुबन्धित मिलों के किए गए निरीक्षण में वहां का रख रखाव दुरुस्त नहीं पाया गया है। मिलों में आवक तथा सीएमआर का रजिस्टर सुदृढ़ नहीं पाया गया है। संबंधित अधिकारियों को तत्काल इस ओर ध्यान देकर रजिस्टर आदि सुदृढ़ कराने का निर्देश दिया। भुगतान एवं बकाए की समीक्षा में पाया कि खाद्य विभाग का आजमगढ़ में 172.83 लाख, मऊ में 31.65 लाख एवं बलिया में 268.97 लाख बकाया है। इसी प्रकार पीसीएफ का आजमगढ़ में 338.85 लाख, मऊ में 508.68 लाख एवं बलिया में 724.82 लाख बकाया है। इस प्रकार मण्डल के जनपदों में धान खरीद के लिए नामित अन्य क्रय एजेंसियों का भी बकाया है। भुगतान लंबित रहने के सम्बन्ध में क्रय एजेन्सियों द्वारा टेक्निकल खराबी बताया गया। मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि तत्काल भुगतान किया जाए। उन्होंने तीनों जनपदों के एडीएम को निर्देश दिया कि टेक्निकल खराबी से, 72 घंटे से अधिक समय के लंबित भुगतान और भुगतान लंबित रहने के कारण आदि का पूर्ण विवरण तीन दिन में उपलब्ध कराएं। उन्होंने 20 फरवरी तक ब्लाक गोदामों को भरने, गोदामों की क्षमता, गत माह की स्थिति का विवरण भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही राईस मिलों द्वारा जो सीएमआर दिया जाना था उसके सापेक्ष दिए गए सीएमआर की स्थिति, रजिस्टर मेंटेन करने की स्थिति की भी रिपोर्ट तीन दिन में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। संभागीय खाद्य नियंत्रक राजेश कुमार उपाध्याय ने मंडल में अब तक हुई धान खरीद के बारे में बताया कि मंडल का कुल लक्ष्य 220000 एमटी निर्धारित था जिसके सापेक्ष कुल 226562.60 एमटी खरीद की गई है। जो लक्ष्य का 102.98 प्रतिशत है। जिसमें आजमगढ़ में लक्ष्य 60000 एमटी के सापेक्ष 72160.73 एमटी (120.27 प्रतिशत), मऊ में 50000 एमटी के सापेक्ष 39041.34 एमटी (78.08 प्रतिशत) तथा बलिया में निर्धारित लक्ष्य 110000 एमटी के सापेक्ष 115360.52 एमटी (104.87 प्रतिशत) की खरीद हुई है। मंडलायुक्त ने मऊ में कम खरीद पर नाराजगी व्यक्त किया तथा निर्देश दिया कि 28 फरवरी तक धान की खरीद की जानी है, इसलिए बचे हुए दिनों में अधिक से अधिक धान क्रय कर प्रगति में और सुधार लाएं। इस मौके पर मंडल के तीनों जनपद के अधिकारी उपस्थित थे।
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