UP: हिस्ट्रीशीटर केसी राय की 10 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क, संगठित अपराध करता था; कोर्ट के आदेश पर एक्शन
Azamgarh News: आजमगढ़ में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर हिस्ट्रीशीटर केसी राय की करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित अपराध में सक्रिय रहा है और उसके खिलाफ कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। गैंगस्टर अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मचा है।
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UP News: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस और प्रशासन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर, भूमाफिया एवं हिस्ट्रीशीटर कृष्णचन्द्र राय उर्फ केसी राय की करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति कुर्क कर ली। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ग्राम कोडर अजमतपुर स्थित उसके गगनचुंबी भवन को नियमानुसार डुगडुगी पिटवाकर कुर्क किया गया।
सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि थाना कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि केसी राय ने फर्जी खतौनी, जमीन के नाम पर ठगी, गैंगस्टर गतिविधियों तथा अन्य संगठित अपराधों से अर्जित अवैध धन से वर्ष 2012 में ग्राम कोडर अजमतपुर में भूमि खरीदकर आलीशान भवन का निर्माण कराया था। समय-समय पर भवन का पुनर्निर्माण और रिनोवेशन भी अपराध से अर्जित धन से कराया गया।
विवेचना में यह भी पाया गया कि उक्त भवन गैंग के सदस्यों के जमावड़े और आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाने का प्रमुख केंद्र बना हुआ था। राजस्व विभाग द्वारा भूमि तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन का मूल्यांकन किए जाने के बाद इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई।
विवेचक निरीक्षक रफी आलम की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यबीर सिंह ने बीएनएसएस की धारा 107 के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश पारित किया तथा तहसीलदार को उसका प्रशासक नियुक्त किया। न्यायालय ने अपने आदेश में माना कि अभियुक्त के पास भवन निर्माण और ऋण की किश्तों के भुगतान के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं था तथा उसने अपराध से अर्जित धन के बल पर यह संपत्ति खड़ी की।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी, विवेचक निरीक्षक रफी आलम, थाना कोतवाली पुलिस तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन कर भवन को प्रशासनिक कब्जे में ले लिया।
केसी राय वर्तमान में जेल में निरुद्ध है और उसे पूर्व में प्रशासनिक आधार पर अंबेडकरनगर कारागार स्थानांतरित किया जा चुका है। उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, ठगी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में 16 से अधिक मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।