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सावधान! हाईवे पर खड़ी गाड़ियां बन रहीं मौत की वजह

Fri, 27 May 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2022 11:33 PM IST
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Attention Vehicles parked on the highway are becoming the cause of death
रानी की सराय। हाईवे हों या दूसरी सड़कें, जहां-तहां सड़क किनारे खड़े वाहन अक्सर मिल जाते हैं। दूर से ये नहीं पता चल पाता है कि वाहन चल रहा है कि रूका है। जब तक आगे वाले वाहन के करीब पीछे की गाड़ी पहुंचती है, तब तक देर हो जाती है और लोग बेवक्त मारे जाते हैं। आजमगढ़-वाराणसी मार्ग, अतरौलिया, जीयनपुर व मऊ हाइवे पर ट्रक खड़ी रहती है।
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नेशनल एवं स्टेट हाइवे पर तीव्र गति से चलने योग्य बनाने का लाभ तो सभी को मिल रहा है, लेकिन जान का जोखिम भी बढ़ गया है। हाइवे पर चलने वाले माल भरे हुए ट्रक हो या अन्य कोई वाहन चालक की लापरवाही से दुर्घटना का कारण भी बन रहे हैं। जबकि एक सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर अवैध स्टैंड को बंद कराने के साथ ही संचालकों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी अवैध वाहन स्टैंडों पर प्रभावशाली कार्रवाई नहीं की गई।
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रानी की सराय क्षेत्र में आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर ट्रकों का कब्जा है। कार्रवाई न होने से चौबीस घंटे सड़क के दोनों ओर ट्रक व भारी वाहनों का मेला लगा रहता है। सड़क किनारे चालक अपने वाहन अक्सर रात में बेतरतीब खड़ा कर देते हैं, जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिनमें लोगों की जान भी बड़ी संख्या में जा रही है। पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहन खड़े वाहन में टकरा जा रहे हैं। ऐसी कई घटनाएं हो चुकीं, लेकिन लापरवाह वाहन चालकों पर आज तक लगाम नहीं लग सकी।
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गश्त के नाम पर फूंके जा रहे पेट्रोल
आजमगढ़। कहने को तो संबंधित थानों के सिपाहियों को रात व दिन में प्रत्येक चौराहों पर गश्त पर रहने के निर्देश हैं, लेकिन वह कभी कभार ही दिखाई देते हैं। दुर्घटनाएं अक्सर ढाबों के आसपास होती हैं, जब ट्रक चालक लापरवाही से वाहन खड़ा कर देते हैं। खड़े वाहनों में न तो पार्किंग लाइट जलाई जाती है और न ही रेडियम संकेत होते हैं। हादसा होने का कारण भी यही है। सबसे ज्यादा बड़े वाहन ढाबों पर खड़े नजर आते हैं। रात व दिन मेें यहां वाहन एक के पीछे एक खड़े रहते हैं। रात के समय तो आलम और भी भयंकर होता है, यहां से निकलने में भी डर बना रहता है। नियमित चेकिंग न होने और चालान न होने की वजह से यहां हादसे का डर बना रहता है। छुटपुट मामले तो यहां प्रतिदिन होते रहते हैं। एआरटीओ प्रशासन सत्येंद्र कुमार यादव ने बताया कि अभी अभियान चलाकर वाहन स्वामियों को चेतावनी दी जा रही है। यदि वह दोबारा वहीं पाए गए तो संबंधित वाहन को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
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