आजमगढ़: 57 शिक्षकों की नियुक्ति संदिग्ध, निदेशक को भेजी जाएगी सूची; 77 को वेतन भुगतान का आदेश
आजमगढ़ जिले में 57 शिक्षकों की नियुक्ति संदिग्ध मिली, जबकि 77 शिक्षकों-कर्मियों की नियुक्ति से संबंधित अभिलेख सही पाए गए हैं। ऐसे में उनके भुगतान का आदेश दिया गया है। वहीं संदिग्ध शिक्षकों की सूची निदेशक को भेजी जाएगी।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर संस्कृत विद्यालयों में नियुक्तियों और वेतन भुगतान की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति ने विद्यालयों से 30 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी थी। संबंधित अभिलेखों को प्रबंधक और प्रधानाचार्य की मुहर एवं प्रमाणन के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान नियुक्ति संबंधी अभिलेख, सेवा पुस्तिका, शैक्षिक प्रमाणपत्र, वेतन भुगतान का विवरण, उपस्थिति पंजिका सहित अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
जांच में सामने आया कि 57 शिक्षकों-कर्मियों के अभिलेखों में खामियां हैं। इनमें करीब 50 प्रतिशत ऐसे शिक्षक बताए जा रहे हैं, जिनकी नियुक्ति वर्ष 2011 के बाद हुई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसा कुछ शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी अभिलेखों में भी गड़बड़ियां मिली हैं।
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डीआईओएस अजय कुमार ने बताया कि अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियम विरुद्ध और अनियमित चयन-नियुक्ति की जांच पूरी कर ली गई है। 77 शिक्षकों-कर्मियों का चयन और नियुक्ति उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सही पाई गई है। इनके वेतन भुगतान के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा), आजमगढ़ को आदेशित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि 57 संदिग्ध शिक्षकों-कर्मियों के संबंध में अलग से निर्णय लिया जाना है। उनकी सूची निदेशक को भेजकर आगे की कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन मांगा जाएगा। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2011 के बाद डीआईओएस को नहीं था नियुक्ति का अधिकार
संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर जांच में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। डीआईओएस अजय कुमार ने बताया कि शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के 19 जनवरी 2011 के आदेश के मुताबिक संस्कृत विद्यालयों में चयन का अधिकार जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को कभी प्राप्त नहीं रहा। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर चयन प्रक्रिया पूरी की गई।
संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में संदिग्ध नियुक्तियों के मामले में 57 शिक्षकों-कर्मियों को विभाग की ओर से अंतिम मौका दिया जाएगा। इन सभी को नोटिस जारी कर नियुक्ति से संबंधित अभिलेख और अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा। जवाब और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
संस्कृत विद्यालयों में नियमविरुद्ध नियुक्तियों के मामले में इसी माह 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। प्राचीन धर्म संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्रयागपुर भुवना बुजुर्ग में वर्ष 2022 में हुई 10 सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां जांच में नियमविरुद्ध पाई गई थीं। मामले में तत्कालीन प्रबंधक पर कूटरचित अभिलेख तैयार करने और तत्कालीन डीआईओएस उमेश कुमार त्रिपाठी की मिलीभगत से नियमों के विपरीत चयन कराने का आरोप है।