आजमगढ़: पैसे नहीं लिए मैंने…रंगे हाथ पकड़े गए घूसखोर लेखपाल तो लगे गिड़गिड़ाने, मांगे थे पांच हजार रुपये
आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील परिसर में भूमि पैमाइश के नाम पर पांच हजार बतौर घूस लेते दो लेखपालों को एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा तो हड़कंप मच गया। कार्रवाई के विरोध में थाने पहुंचे लेखपालों ने विरोध- प्रदर्शन किया।
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यूपी के आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील परिसर उस समय हड़कंप गया जब एंटी करप्शन की टीम ने दो लेखपालों को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोप है कि भूमि की पैमाइश के नाम पर पांच हजार रुपये मांगे गए थे। आरोपियों ने अपने आप को छुड़ाने के लिए हाथ पांव चलाए, लेकिन उनकी एक न चली। बार-बार कहते रहे कि पैसे नहीं लिए। टीम दोनों को लेकर जीयनपुर कोतवाली गई। जहां काफी संख्या में लेखपाल भी पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन किया।
महराजगंज थाना अंतर्गत देवारा जदीद गांव निवासी चंदा पत्नी प्रमोद ने अपनी जमीन की पैमाइश के लिए तहसील पर आवेदन दिया था। पैमाइश करने के नाम पर लेखपाल यादवेंद्र यादव ने उससे पांच हजार रुपये की मांग की। चंदा ने एंटी करप्शन टीम वाराणसी से इसकी शिकायत की।
शुक्रवार को जिले में पहुंची एंटी करप्शन टीम ने स्थानीय टीम के साथ संपर्क कर रणनीति को अंतिम रूप देते हुए सगड़ी तहसील पहुंच गई। जहां शिकायतकर्ता चंदा ने लेखपाल यादवेंद्र यादव को पैसे दिए। इसी दौरान पैसा जमीन पर गिर गया। जिसे यादवेंद्र के साथ मौजूद लेखपाल रामायन भारद्वाज ने उठा लिया।
इसी दौरान एंटी करप्शन टीम मौके पर पहुंच गई और दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। लेखपालों को रिश्वत लेते पकड़े जाने की जानकारी होते ही पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन टीम दोनों लेखपालों को अपने वाहनों में बैठा कर जीयनपुर कोतवाली लेकर चली गई।
पीछे-पीछे साथी लेखपाल भी कोतवाली पहुंच गए और लेखपाल रामायन भारद्वाज को निर्दोष बताते हुए छोड़े जाने की मांग करने लगे। वहीं एंटी करप्शन टीम जीयनपुर कोतवाली में जरूरी लिखापढ़ी करने के बाद दोनों को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गई।