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लंपी स्किन डिजीज को लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट
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आजमगढ़। जिले में भले ही अब तक लंपी स्किन डिजीज का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इसे लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट है। बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है। गोशाला संचालकों को बीमारी से बचाव की बात समझाई जा रही हैं। विभाग ने सभी पशु अस्पतालों और चिकित्सकों के साथ दूसरे स्टाफ को इस बीमारी से निपटने के लिए अलर्ट कर दिया है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों जैसे राजस्थान, हरियाणा तथा कुछ जनपदों में लंपी स्किन डिजीज नाम की एक बीमारी तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस बीमारी में गायों में शरीर पर गांठें हो जाती हैं जो बाद में घाव में बदल जाती है। इसके अलावा तेज बुखार, नाक और मुंह से पानी का गिरना, भूख नहीं लगना आदि लक्षण भी दिखाई देते हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का कहना है कि इस बीमारी के फैलाव का मुख्य कारण मक्खी, मच्छर हैं। यह पशुओं की लार, दूषित चारा और पानी से भी फैल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रभावित पशु को स्वस्थ पशु से अलग करें। पशु के दूध को उबाल कर पिएं। पशुओं को साफ पानी पिलाएं। यदि किसी पशु की मृत्यु होती है तो शव को खुले में न फेंकें एवं वैज्ञानिक विधि से दफनाएं। रोगी पशु के दूध को बछड़े को न पिलाएं। उन्होंने बताया कि टोल फ्री नंबर -18001805141, 0522-2740992 पशु पालन विभाग लखनऊ, कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट आजमगढ़- 05462-356039, 356040 जारी किया गया हैं।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों जैसे राजस्थान, हरियाणा तथा कुछ जनपदों में लंपी स्किन डिजीज नाम की एक बीमारी तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस बीमारी में गायों में शरीर पर गांठें हो जाती हैं जो बाद में घाव में बदल जाती है। इसके अलावा तेज बुखार, नाक और मुंह से पानी का गिरना, भूख नहीं लगना आदि लक्षण भी दिखाई देते हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का कहना है कि इस बीमारी के फैलाव का मुख्य कारण मक्खी, मच्छर हैं। यह पशुओं की लार, दूषित चारा और पानी से भी फैल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रभावित पशु को स्वस्थ पशु से अलग करें। पशु के दूध को उबाल कर पिएं। पशुओं को साफ पानी पिलाएं। यदि किसी पशु की मृत्यु होती है तो शव को खुले में न फेंकें एवं वैज्ञानिक विधि से दफनाएं। रोगी पशु के दूध को बछड़े को न पिलाएं। उन्होंने बताया कि टोल फ्री नंबर -18001805141, 0522-2740992 पशु पालन विभाग लखनऊ, कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट आजमगढ़- 05462-356039, 356040 जारी किया गया हैं।
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