बिजली की अघोषित कटौती से परेशान क्षेत्र के किसान और व्यापारियों ने रविवार की सुबह नौ सब स्टेशन रेडहा पर पहुंच कर कंट्रोल रूम पर तालाबंरी की। साथ ही चारों फीडरों की सप्लाई बंद करवा कर धरने पर बैठ गए। चार घंटे बाद चले धरने की सूचना मिलते ही अधिकारियों ने समस्या को दूर कर राहत पहुंंचाने कहा आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ। शनिवार को बिजली की समस्या विद्युत उपकेंद्र पर लेकर पहुंचे ग्रामीणों के साथ विद्युत कर्मियों ने दुर्व्यवहार किया। जिस पर वहां हंगामा हुआ। अअधिकारियों ने पहुंच कर मामला शांत कराया। लेकिन रविवार की सुबह ग्रामीण और व्यापारी दोबारा उपकेंद्र पहुंचे और नाराजगी जताते हुए कंट्रोल रूम के गेट पर तालाबंदी करते हुए धरना शुरू किया। दोपहर एक बजे अधिशासी अभियंता आरपीएस यादव, थानाध्यक्ष योगेंद्र प्रताप सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से वार्ता की। किसानों ने बताया कि धान की नर्सरी, गन्ना की फसल सूख रही है। लगभग दो घंटे बिजली मिल रही है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पावर हाउस को उच्चीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। पांच एमबीए से बढ़ाकर 10 एमबीए मशीन यहां पर लगाई जाएगी। 86 खंभों के लाइन का काम चल रहा है जल्दी ही नया फीडर बनकर तैयार हो जाएगा। इससे काफी हद तक समस्या का समाधान हो जाएगा।कर्मचारियों से कहा कि वह उपभोक्ताओं का फोन उठाए और किसी से अभद्रता न करें। करीब डेढ़ बजे किसानों ने अपना धरना खत्म कर दिया। इस मौके पर वेदप्रकाश सिंह बादल, सत्यप्रकाश सिंह, डब्लू शुक्ल, अभिषेक उपाध्याय, प्रेम सागर मोदनवाल, महेंद्र पाठक, प्रभुदीन यादव, चिंटू सिंह,ओमप्रकाश सिंह आदि मौजूद थे।