कोटेदार के खिलाफ फूटा गुस्सा
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धरना पर बैठे रामभवन राम ने कहा कि गांव के लोग कोटेदार की मनमानी से परेशान हैं। उन्हें समय पर कोटे से निर्धारित अनाज नहीं मिलता है। जब अनाज आदि का वितरण होता है तो किसी को 15 तो किसी को 20 किलो गल्ला दिया जाता है। नाप-तौल में भी धांधली की जाती है।
कोई ग्रामीण इसका विरोध करता है तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। रामनाथ, धर्मेंद्र राज, रामनवमी, अनिता, कौशिल्या आदि ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि कोटेदार की जांच कराकर कार्रवाई की जाए।
साथ ही समय से अनाज आदि का वितरण हो सके, इसकी व्यवस्था कराई जाए। ग्रामीणों ने चेताया कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वह वृहद आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। धरना में लालमती, उर्मिला, फूला, कमली, तारा, विक्रमी, विद्या, सरिता, सोनमती, बृजेश निषाद, गनेश, विष्णु, पंचानंद, विजय कुमार, अशोक कुमार आदि ग्रामीण शामिल रहे।