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Azamgarh News: आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे पोषण और जागरूकता के मॉडल
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आजमगढ़। जिले के आंगनबाड़ी केंद्र पोषण और जागरूकता के मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना के तहत जिले के 475 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया जा रहा है।
सभी केंद्रों पर पोषण वाटिका विकसित की जा रही है, जहां सहजन और आंवले के पौधे लगाने के साथ सब्जियां भी उगाई जाएंगी। इससे बच्चों को पौष्टिक आहार मिलेगा और वे प्रकृति के महत्व को समझ सकेंगे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत कुमार सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत 425 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका का निर्माण कराया जाएगा, जहां सहजन व आंवला के पौधों के साथ मौसमी सब्जियों की खेती की जाएगी।
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इससे बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ पोषण के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी। वहीं 189 केंद्रों पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हारवेस्टिंग) की व्यवस्था की जा रही है। जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा सभी 475 आंगनबाड़ी केंद्रों की दीवारों पर बच्चों की जानकारी व सीखने की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से आकर्षक वाल पेंटिंग कराई जाएगी।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने इन कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाओं का भी निर्धारण कर दिया है। पोषण वाटिका का कार्य ग्राम पंचायत स्तर से, वाल पेंटिंग का कार्य खंड विकास अधिकारी के माध्यम से व रेनवाटर हारवेस्टिंग का कार्य लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना के तहत कराए जा रहे इन कार्यों से न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि बच्चों को पोषण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी।
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सभी केंद्रों पर पोषण वाटिका विकसित की जा रही है, जहां सहजन और आंवले के पौधे लगाने के साथ सब्जियां भी उगाई जाएंगी। इससे बच्चों को पौष्टिक आहार मिलेगा और वे प्रकृति के महत्व को समझ सकेंगे।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत कुमार सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत 425 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका का निर्माण कराया जाएगा, जहां सहजन व आंवला के पौधों के साथ मौसमी सब्जियों की खेती की जाएगी।
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इससे बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ पोषण के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी। वहीं 189 केंद्रों पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हारवेस्टिंग) की व्यवस्था की जा रही है। जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा सभी 475 आंगनबाड़ी केंद्रों की दीवारों पर बच्चों की जानकारी व सीखने की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से आकर्षक वाल पेंटिंग कराई जाएगी।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने इन कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाओं का भी निर्धारण कर दिया है। पोषण वाटिका का कार्य ग्राम पंचायत स्तर से, वाल पेंटिंग का कार्य खंड विकास अधिकारी के माध्यम से व रेनवाटर हारवेस्टिंग का कार्य लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र योजना के तहत कराए जा रहे इन कार्यों से न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि बच्चों को पोषण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी।