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गजब: पानी टंकी और पंप हाउस बने नहीं पानी के लिए लगा दी टोटी
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आजमगढ़। ग्रामीण क्षेत्र की आबादी को नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना के तहत कार्य हो रहा है। अधिकतम गांवों का हाल यह है कि वहां न तो पानी की टंकी बनी और न ही पंप हाउस ही बने हैं। दिखावे के लिए लोगों के घरों तक टोटी लगाने के लिए पाइप निकाल कर छोड़ दिया गया है। महीनों से पानी की आस लगाए ग्रामीणों की आंखें पथरा गईं लेकिन नल में पानी नहीं आया।
जनपद में जल जीवन मिशन के तहत कुल 1459 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं हैं। इन परियोजनाओं पर लगभग 34 सौ करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यहां पर कार्यदायी संस्थाओं को ओवर हेड टैंक, पंप हाउस का निर्माण करवाकर पाइप लाइन के जरिए लोगों के घराें तक नल से जल पहुंचाना है। कार्यदायी संस्थाओं ने 18603 किमी के सापेक्ष 6820 किमी पाइप लाइन बिछा दिया है। इनमें से कई गांवोें के लोगों के घरों तक टोटी लगाने के लिए महीनों पूर्व पाइप निकाली गई है। लेकिन उसमें अभी तक पानी नहीं आया है।
सठियांव ब्लाॅक के दौलतपुर गांव में घरों के सामने तो महीनों पूर्व टोटी लगा दी गई लेकिन अभी तक उसमें पानी नहीं आया। ऋषभ सिंह, डब्लू, समसुद्दीन आदि ने बताया कि पानी टंकी, पंप हाउस बना नहीं और पहले टोटी लगा दी गई है।
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टोटी के लिए पाइप निकाल चल दिए
पवई। जल जीवन मिशन के योजना के तहत क्षेत्र के कछरा, लग्गूपुर, भीमलपुर, प्रतापपुर, शाहमर्दानपुर, जल्दीपुर, बस्ती, गुलरा मरहट अलीनगर, सुम्हाडीह आदि गांवों में घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप बिछाई गई है। इसमें से कनेक्शन के लिए पाइप भी निकाला गया है, लेकिन अभी तक पानी नहीं टपका...। योजना कागजों में तो बेहतर दिख रही है, लेकिन जमीनी हालात इसके बिल्कुल इतर हैं। गांवों में न टोटी लगी न ही स्टैंड पोस्ट बनाए गए हैं। संवाद
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पानी आपूर्ति होने पर फट जाती है पाइप
अमिलो। विकास खंड सठियांव के बसौधा भीतरी गांव में पेयजल आपूर्ति में समस्या आ रही है। जब आपूर्ति शुरू होती है तो कहीं न कही पाइप लिकेज हो जाता है। इससे पानी रास्ते पर बहने लगता है। ग्राम पंचायत में दो राजस्व गांव आते हैं। भीतरी में पाइप बिछी है और टोटी नहीं लगी है। वहीं, जबकि बसौंधा में पाइप और टोटी भी लगी है। बसौंधा में काम पूरा होने के बाद जब पानी की आपूर्ति शुरू होती है तो पाइप फट जाती है।
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जनपद में जल जीवन मिशन के तहत कुल 1459 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं हैं। इन परियोजनाओं पर लगभग 34 सौ करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यहां पर कार्यदायी संस्थाओं को ओवर हेड टैंक, पंप हाउस का निर्माण करवाकर पाइप लाइन के जरिए लोगों के घराें तक नल से जल पहुंचाना है। कार्यदायी संस्थाओं ने 18603 किमी के सापेक्ष 6820 किमी पाइप लाइन बिछा दिया है। इनमें से कई गांवोें के लोगों के घरों तक टोटी लगाने के लिए महीनों पूर्व पाइप निकाली गई है। लेकिन उसमें अभी तक पानी नहीं आया है।
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सठियांव ब्लाॅक के दौलतपुर गांव में घरों के सामने तो महीनों पूर्व टोटी लगा दी गई लेकिन अभी तक उसमें पानी नहीं आया। ऋषभ सिंह, डब्लू, समसुद्दीन आदि ने बताया कि पानी टंकी, पंप हाउस बना नहीं और पहले टोटी लगा दी गई है।
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टोटी के लिए पाइप निकाल चल दिए
पवई। जल जीवन मिशन के योजना के तहत क्षेत्र के कछरा, लग्गूपुर, भीमलपुर, प्रतापपुर, शाहमर्दानपुर, जल्दीपुर, बस्ती, गुलरा मरहट अलीनगर, सुम्हाडीह आदि गांवों में घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप बिछाई गई है। इसमें से कनेक्शन के लिए पाइप भी निकाला गया है, लेकिन अभी तक पानी नहीं टपका...। योजना कागजों में तो बेहतर दिख रही है, लेकिन जमीनी हालात इसके बिल्कुल इतर हैं। गांवों में न टोटी लगी न ही स्टैंड पोस्ट बनाए गए हैं। संवाद
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पानी आपूर्ति होने पर फट जाती है पाइप
अमिलो। विकास खंड सठियांव के बसौधा भीतरी गांव में पेयजल आपूर्ति में समस्या आ रही है। जब आपूर्ति शुरू होती है तो कहीं न कही पाइप लिकेज हो जाता है। इससे पानी रास्ते पर बहने लगता है। ग्राम पंचायत में दो राजस्व गांव आते हैं। भीतरी में पाइप बिछी है और टोटी नहीं लगी है। वहीं, जबकि बसौंधा में पाइप और टोटी भी लगी है। बसौंधा में काम पूरा होने के बाद जब पानी की आपूर्ति शुरू होती है तो पाइप फट जाती है।