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Azamgarh News: गेहूं खरीद में फिसड्डी साबित हुए मंडल के तीनों जिले
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आजमगढ़। गेहूं खरीद में इस बार मंडल के तीनों जिले फिसड्डी साबित हुए हैं। लक्ष्य के सापेक्ष मंडल में पांच प्रतिशत भी गेहूं नहीं खरीदा जा सका है। विभाग की गेहूं खरीद की सारी कवायद फेल रही। शुक्रवार को आई विभाग की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार मंडल में 4.97 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सका है।
मंडल को इस बार दो लाख पांच हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य था। लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के कुल 189 क्रय केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर शुरू से ही गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पाई। क्रय केंद्र के प्रभारी केंद्रों पर लेकिन इक्का-दुक्का किसान ही अपना गेहूं लेकर पहुंच रहे थे। समर्थन मूल्य 2125 रूपये से बाजार भाव अच्छा था, जिसके कारण किसान व्यापारियों को अपना गेहूं बेच दिया। पिछली वर्ष खरीदे गए गेहूं की तुलना में मंडल के तीनों जिलों में इस बार एक चौथाई ही गेहूं खरीदा जा सका। आजमगढ़ में पिछली बार जहां लक्ष्य के सापेक्ष 19.59 प्रतिशत गेहूं खरीदा गया था। वहीं, इस बार 5.01 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा गया। इसी प्रकार मऊ में पिछले वर्ष 30.55 प्रतिशत और इस बार 6.66 प्रतिशत गेहूं की खरीद हुई। बलिया जनपद में पिछले साल 15.09 प्रतिशत गेहूं खरीदा गया था जबकि इस बार 4.24 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सका। इसी प्रकार अगर मंडल की बात की जाए तो पिछली साल मंडल में लक्ष्य के सापेक्ष 19.37 प्रतिशत और इस बार 4.97 प्रतिशत ही खरीदा गया। एफसीआई में गेहूं संप्रदान की बात की जाए तो 1012.12 एमटी गेहूं अभी तक क्रय केंद्रों पर ही पड़े हैं। इन्हें एफसीआई में नहीं भेजवाया जा सका है।
गेहूं खरीद - वर्ष 2022 और 2023
आजमगढ़- 13908.42- 3622.18
मऊ- 10693.17- 2331.75
बलिया- 14335.31- 4027.55
नोट- सभी आंकड़े मीट्रिक टन में हैं।
एफसीआई को भेजा गया 148062.68 एमटी चावल
आजमगढ़। आजमगढ़ मंडल में वर्ष 2022-23 में 219525.78 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। इसके सापेक्ष विपणन विभाग द्वारा 148062.68 एमटी चावल एफसीआई को संप्रदान किया जा चुका है। धान खरीद पटल प्रभारी सूर्यांश राय ने बताया कि जितना धान खरीदा गया था, राइस मिलों में कुटाई के बाद एफसीआई को भेजा जा चुका है। किसी भी राइस मिल पर अब धान अवशेष नहीं है। संवाद
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इस बार गेहूं की कम खरीद हुई है, लेकिन इससे वितरण प्रणाली पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि पंजाब, हरियाणा अन्य प्रांतों में काफी खरीद हुई है। ट्रेनों के माध्यम से जिलों में बराबर चावल, गेहूं का रैक आता रहता है। खरीदे गए गेहूं का लगभग 80 प्रतिशत एफसीआई को संप्रदान किया जा चुका है।
- राममूर्ति पांडेय, संभागीय खाद्य नियंत्रक।
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मंडल को इस बार दो लाख पांच हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य था। लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के कुल 189 क्रय केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर शुरू से ही गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पाई। क्रय केंद्र के प्रभारी केंद्रों पर लेकिन इक्का-दुक्का किसान ही अपना गेहूं लेकर पहुंच रहे थे। समर्थन मूल्य 2125 रूपये से बाजार भाव अच्छा था, जिसके कारण किसान व्यापारियों को अपना गेहूं बेच दिया। पिछली वर्ष खरीदे गए गेहूं की तुलना में मंडल के तीनों जिलों में इस बार एक चौथाई ही गेहूं खरीदा जा सका। आजमगढ़ में पिछली बार जहां लक्ष्य के सापेक्ष 19.59 प्रतिशत गेहूं खरीदा गया था। वहीं, इस बार 5.01 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा गया। इसी प्रकार मऊ में पिछले वर्ष 30.55 प्रतिशत और इस बार 6.66 प्रतिशत गेहूं की खरीद हुई। बलिया जनपद में पिछले साल 15.09 प्रतिशत गेहूं खरीदा गया था जबकि इस बार 4.24 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सका। इसी प्रकार अगर मंडल की बात की जाए तो पिछली साल मंडल में लक्ष्य के सापेक्ष 19.37 प्रतिशत और इस बार 4.97 प्रतिशत ही खरीदा गया। एफसीआई में गेहूं संप्रदान की बात की जाए तो 1012.12 एमटी गेहूं अभी तक क्रय केंद्रों पर ही पड़े हैं। इन्हें एफसीआई में नहीं भेजवाया जा सका है।
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गेहूं खरीद - वर्ष 2022 और 2023
आजमगढ़- 13908.42- 3622.18
मऊ- 10693.17- 2331.75
बलिया- 14335.31- 4027.55
नोट- सभी आंकड़े मीट्रिक टन में हैं।
एफसीआई को भेजा गया 148062.68 एमटी चावल
आजमगढ़। आजमगढ़ मंडल में वर्ष 2022-23 में 219525.78 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। इसके सापेक्ष विपणन विभाग द्वारा 148062.68 एमटी चावल एफसीआई को संप्रदान किया जा चुका है। धान खरीद पटल प्रभारी सूर्यांश राय ने बताया कि जितना धान खरीदा गया था, राइस मिलों में कुटाई के बाद एफसीआई को भेजा जा चुका है। किसी भी राइस मिल पर अब धान अवशेष नहीं है। संवाद
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इस बार गेहूं की कम खरीद हुई है, लेकिन इससे वितरण प्रणाली पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि पंजाब, हरियाणा अन्य प्रांतों में काफी खरीद हुई है। ट्रेनों के माध्यम से जिलों में बराबर चावल, गेहूं का रैक आता रहता है। खरीदे गए गेहूं का लगभग 80 प्रतिशत एफसीआई को संप्रदान किया जा चुका है।
- राममूर्ति पांडेय, संभागीय खाद्य नियंत्रक।