Azamgarh News: टीईटी में नकल कराने के आरोपी नकल माफिया घोषित, कई और पर हो सकती है कार्रवाई
यूपी टीईटी परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश के मामले में गिरफ्तार और फरार सात आरोपियों को नकल माफिया घोषित कर दिया गया है। आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्य के मुताबिक मामले में अभी कई और आरोपियों पर ऐसी कार्रवाई हो सकती है।
विस्तार
यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में नकल कराने के आरोप में आजमगढ़ में गिरफ्तार और फरार सात आरोपियों को नकल माफिया घोषित कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में कार्रवाई करते हुए कोड भी अलॉट कर दिया गया है। इस मामले में अभी और भी कुछ लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जा सकती है।
आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि एसओ रानी की सराय की रिपोर्ट पर सीओ सिटी व एसपी सिटी की संस्तुति के बाद यूपीटीईटी की शुचिता भंग करने के आरोप में गिरफ्तार व फरार सात अभियुक्तों को शिक्षा/नकल माफिया घोषित करने की कार्रवाई की गई है।
इनके द्वारा यूपीटीईटी के साथ ही सीटेट, पीईटी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल करा कर अवैध धनोपार्जन किया जाता रहा है। आपस में साठ-गांठ कर सेटिंग वाले विद्यालयों में परीक्षा केंद्र रखवाया जाता है। परीक्षार्थियों से परीक्षा केंद्र के अंदर नकल कराने का ठेका लिया जाता है।
इन लोगों को घोषित किया गया नकल माफिया
शिक्षा/नकल माफिया के रूप में चिन्हित किए गए लोगों में वेद प्रकाश यादव निवासी भदुली थाना सिधारी , सूर्य प्रकाश्या यादव निवासी आजमपुर थाना कंधरापुर, धर्मेंद्र कुमार राय उर्फ बबलू राय निवासी देवड़ा दामोदरपुर थाना कंधरापुर, इसरार अहमद निवासी सम्मोपुर आइमा थाना रानी की सराय, सिकंदर यादव निवासी सेमरहा थाना रानी की सराय, सहर्ष राय उर्फ गोल्डी राय निवासी कुकुड़ीपुर थाना मुबारकपुर और धीरज राय निवासी हरैया थाना जीयनपुर शामिल हैं। एसपी ने बताया कि अभी कुछ और आरोपियों को भी नकल/शिक्षा माफिया के रूप में चिन्हित किया जा सकता है। जिसकी कवायद में पुलिस विभाग जुटी हुई है।
फर्जी आरोप लगाकर फंसाने का हो रहा प्रयास
झांसी में आजमगढ़ के रहने वाले पांच फर्जी शिक्षक पकड़े जाने का मामला प्रकाश में आया है। इसे लेकर जिले में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक तरफ जहां झांसी में उनके खिलाफ एफआईआर कराया गया है तो वहीं दूसरी तरफ आरोपी शिक्षकों के परिजन उसे निराधार आरोप बताते हुए फर्जी ढंग से फंसाने का आरोप लगा रहे है।
जानकारी मुताबिक जहानागंज थाना क्षेत्र के वीरभद्रपुर गांव निवासी नरेंद्र कुमार मौर्य की नियुक्ति झांसी में जुलाई 2022 में हुई। नरेंद्र के परिजनों का आरोप है कि प्रधानाचार्य से नरेंद्र का किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी को लेकर प्रधानाचार्य उसे फर्जी ढंग से फंसा रहे हैं।
मामले की जांच कराई जाए इसके बाद ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हो। इसी प्रकार मैनावती निवासी मधनापार बिलरियागंज, अम्रता कुशवाहा निवासी लक्षिरामपुर, पंचदेव निवासी नगलामऊ, मेहनाजपुर व रणविजय विश्वकर्मा निवासी महुआपार को लेकर चर्चाएं चल रही है। अन्य शिक्षकों के घर के लोग कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। फिलहाल यह जांच का विषय है।