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बटला कांड की न्यायिक जांच की मांग दुहराई
Azamgarh
Updated Thu, 20 Sep 2012 12:00 PM IST
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आजमगढ़। दिल्ली में 19 सितंबर 2008 को हुए बटला हाउस इनकाउंटर में जिले के संजरपुर गांव के युवकों को आतंकी बताकर मार गिराने और कुछ को गिरफ्तार करने की घटना की जांच की मांग को लेकर राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल ने चौथे वर्ष भी जिला मुख्यालय पर धरना और प्रदर्शन किया । इस दौरान कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी ने कहा कि यदि नीयत साफ होती तो सरकार जांच की मांग पूरी कर देती।
अंबेडकर पार्क में आयोजित चौथी बरसी पर धरने को संबोधित करते हुए श्री रशादी ने कहा कि उलेमा कौंसिल चार सालों से बटला हाउस कांड की न्यायिक जांच की मांग कर रहा है लेकिन केंद्र सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। इसके पीछे सरकार को डर है कि कहीं फर्जी इनकाउंटर का राजफाश न हो जाए। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष तबतक जारी रहेगा जब तक सरकार बटला कांड की न्यायिक जांच उच्चतम न्यायालय के पूर्व जज और सीबीआई से कराने की घोषणा नहीं करती है। 20 सितंबर को सपा बंदी का ऐलान कर सिर्फ नाटक कर रही है। वह इन मुद्दों पर क्यों नहीं केंद्र सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेती? राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि बटला कांड के अलावा भी अन्य मामले में केंद्र सरकार विफल रही है। उनका इशारा निमेश कमीशन की रिपोर्ट पर अमल न होने की तरफ था। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परमात्मा शरण पांडेय सहित अन्य लोगाें ने भी संबोधित किया। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्री मांग पत्र प्रशासन को सौंपा गया।अध्यक्षता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना निजामुद्दीन इस्लाही और संचालन मेहनगर विस क्षेत्र के अध्यक्ष अनिल सिंह ने किया। धरने में भूपेंद्र सिंह मुन्ना, निजामुद्दीन इस्लाही, उधम सिंह, नुरूल हुदा, मौलाना गुलाम मुहम्मद रिजवी, शौकत माहुली, मुफ्ती गुफरान कासमी, जिलाध्यक्ष अफजल मौजूद थे।
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अंबेडकर पार्क में आयोजित चौथी बरसी पर धरने को संबोधित करते हुए श्री रशादी ने कहा कि उलेमा कौंसिल चार सालों से बटला हाउस कांड की न्यायिक जांच की मांग कर रहा है लेकिन केंद्र सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। इसके पीछे सरकार को डर है कि कहीं फर्जी इनकाउंटर का राजफाश न हो जाए। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष तबतक जारी रहेगा जब तक सरकार बटला कांड की न्यायिक जांच उच्चतम न्यायालय के पूर्व जज और सीबीआई से कराने की घोषणा नहीं करती है। 20 सितंबर को सपा बंदी का ऐलान कर सिर्फ नाटक कर रही है। वह इन मुद्दों पर क्यों नहीं केंद्र सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेती? राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि बटला कांड के अलावा भी अन्य मामले में केंद्र सरकार विफल रही है। उनका इशारा निमेश कमीशन की रिपोर्ट पर अमल न होने की तरफ था। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परमात्मा शरण पांडेय सहित अन्य लोगाें ने भी संबोधित किया। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्री मांग पत्र प्रशासन को सौंपा गया।अध्यक्षता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना निजामुद्दीन इस्लाही और संचालन मेहनगर विस क्षेत्र के अध्यक्ष अनिल सिंह ने किया। धरने में भूपेंद्र सिंह मुन्ना, निजामुद्दीन इस्लाही, उधम सिंह, नुरूल हुदा, मौलाना गुलाम मुहम्मद रिजवी, शौकत माहुली, मुफ्ती गुफरान कासमी, जिलाध्यक्ष अफजल मौजूद थे।
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