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गोद लिए 82 गांवों के 646 अतिकुपोषित बच्चे
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:03 AM IST
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आजमगढ़। मुख्य सचिव राजीव कुमार ने शबरी संकल्प योजना में तेजी लाते हुए आजमगढ़ को कुपोषण मुक्त करने का निर्देश दिया है। इस बाबत जनपद में कुपोषण से लड़ने के लिए अधिकारियों द्वारा 82 गांवों को गोद लिया गया है। इन गांवों में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 646 है। इसमें से अभी 342 परिवार ऐसे हैं जिनके पास आज तक शौचालय नहीं है। इनमें 314 परिवार ऐसे हैं जो बेसलाइन सर्वे से बाहर हैं।
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अधिकारियों को छह माह में गोद लिए गांवों को कुपोषण मुक्त करने का लक्ष्य दिया है। आजमगढ़ जनपद में 0-5 वर्ष तक के बच्चों की कुल संख्या 559400 है। जिसमें 34771 बच्चे अतिकुपोषित और 14939 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा गोद लिए गांवों की संख्या 82 है। जिसमें अति कुपोषित बच्चों की संख्या 646 है। बेसलाइन सर्वे में अति कुपोषित बच्चों के 332 परिवार हैं। जिनके यहां शौचालय बनना हैं इनमें से जिला पंचायत राज विभाग की ओर से 304 घरों में शौचालय बनवाया जा चुका है। ऐसे 314 परिवार हैं जिनका नाम बेसलाइन सर्वे की सूची में नहीं है। जब तक इन बाकी बचे परिवारों में शौचालय नहीं बन जाता तब तक किसी गांव को कुपोषण मुक्त करना असंभव है।
शासन की ओर से कुपोषण लाने के लिए दिसंबर तक जो लक्ष्य दिया गया था हम उसके काफी करीब पहुंच चुके हैं। लेकिन शौचालय न बनने से इसमें काफी परेशानी हो रही है। इसके लिए हमने जो परिवार बेस लाइन सर्वे से बाहर हैं उनमें शौचालय निर्माण के लिए श्रम विभाग को पत्र भेजा है। -पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अधिकारियों को छह माह में गोद लिए गांवों को कुपोषण मुक्त करने का लक्ष्य दिया है। आजमगढ़ जनपद में 0-5 वर्ष तक के बच्चों की कुल संख्या 559400 है। जिसमें 34771 बच्चे अतिकुपोषित और 14939 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा गोद लिए गांवों की संख्या 82 है। जिसमें अति कुपोषित बच्चों की संख्या 646 है। बेसलाइन सर्वे में अति कुपोषित बच्चों के 332 परिवार हैं। जिनके यहां शौचालय बनना हैं इनमें से जिला पंचायत राज विभाग की ओर से 304 घरों में शौचालय बनवाया जा चुका है। ऐसे 314 परिवार हैं जिनका नाम बेसलाइन सर्वे की सूची में नहीं है। जब तक इन बाकी बचे परिवारों में शौचालय नहीं बन जाता तब तक किसी गांव को कुपोषण मुक्त करना असंभव है।
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शासन की ओर से कुपोषण लाने के लिए दिसंबर तक जो लक्ष्य दिया गया था हम उसके काफी करीब पहुंच चुके हैं। लेकिन शौचालय न बनने से इसमें काफी परेशानी हो रही है। इसके लिए हमने जो परिवार बेस लाइन सर्वे से बाहर हैं उनमें शौचालय निर्माण के लिए श्रम विभाग को पत्र भेजा है। -पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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