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गोदामों में 83 हजार क्विंटल डंप पड़ी चीनी हो रही खराब

Mon, 01 Feb 2021 11:08 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2021 11:08 PM IST
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83 thousand quintals of sugar dumped in warehouses getting spoiled
सठियांव। दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव में वर्ष 2018-19 और 19-20 के दौरान करीब 83 हजार क्विंटल चीनी आजमगढ़ तथा मऊ जनपद के पांच गोदामों में डंप पड़ी है। इसका कोई खरीदार नहीं है। चीनी के रखरखाव में फैक्ट्री प्रति माह तीन लाख रुपये किराया अदा करती है। डंप पड़ी चीनी का दाम करीब 85 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। गोदाम में रखे-रखे यह चीनी खराब होने लगी है।
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चीनी मिल सठियांव ने बीते सत्र में 45 लाख क्विंटल गन्ने की क्रशिंग के बाद तीन लाख 80 हजार क्विंटल चीनी बनाई गई। तैयार चीनी जिले के फखरुद्दीनपुर, हुसेनगंज, अतरौलिया, सठियांव और मऊ में किराए पर गोदाम में रखा गया है। इसका किराया तीन लाख रुपये माह आता है। चीनी की मांग और क्वालिटी के चलते उसकी बिक्री नहीं हुई। मुख्य लेखाकार वैष्णव तिवारी ने बताया कि उत्पादित चीनी में एस-30 (बारीक) किस्म की 36 हजार क्विंटल चीनी है। इस चीनी का उपयोग बिस्किट, कोल्डड्रिंक व जूस आदि में होता है। कोरोना के चलते इसका बाजार ठंडा है। वर्ष 2018-19 के दौरान की मिल में 83 हजार क्विंटल चीनी डंप है। यदि डंप चीनी का उठान नहीं हुआ तो भविष्य में इसे रिप्रासेस के जरिये फिर से तैयार करना पड़ेगा। जिसमें खर्च बढ़ेगा और उत्पादन 90 प्रतिशत मिलेगा। मिल को घाटे से उबारने के लिए शासन प्रशासन को इस पर विचार करना होगा। मामले की जांच कराने के बाद उचित कार्रवाई करने की जरूरत है।
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