फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   सेमरी गांव में घाघरा का कहर जारी, 12 और आशियाने बहे

सेमरी गांव में घाघरा का कहर जारी, 12 और आशियाने बहे

Mon, 30 Jul 2018 12:08 AM IST
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
सेमरी गांव में घाघरा का कहर जारी, 12 और आशियाने बहे

विज्ञापन
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवारा से होकर बहने वाली घाघरा ने सेमरी गांव को अपना निशाना बनाया है। नदी अब तक इस गांव के 45 घरों को अपना निशाना बना चुकी है। शुक्रवार और शनिवार को 12 लोगों के आशियाने को नदी ने अपनी जद में ले लिया। वहीं, जानकारी के बाद भी प्रशासन अभी तक कटान पीड़ितों को कोई राहत नहीं पहुंचा सका है।

जनपद की उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा देवारावासियों के लिए दु:स्वप्न बन गई है। पिछले वर्ष नदी के किनारे देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरवा को अपने निशाने पर लेने वाली घाघरा ने इस बार नदी के दूसरे किनारे पर बसे सेमरी गांव को अपना निशाना बनाया। एक हफ्ते में नदी इस गांव के 45 घरों को काटकर अपने आगोश में ले चुकी है। विगत दो दिनों में नदी ने 12 लोगों से उनकी गृहस्थी छीन ली। इसमें दयानाथ, रामसमुझ, प्रहलाद, चंद्रिका, जगदीश, रामधनी, राम कोमल, हरिहर, झीनक, रामू, पप्पू, श्रीपति के मकान को घाघरा ने दो दिनों में काटा है। बताते चलें कि दो दिन पूर्व अमर उजाला में खबर का प्रकाशन होने के बाद एसडीएम सगड़ी ने सेमरी गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को राहत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था लेकिन 24 घंटा बीतने के बाद भी अभी तक सेमरी गांव के लोगों को कोई भी प्रशासनिक मदद उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस बात को लेकर लोगों में रोष है।
विज्ञापन


स्कूल में शरण लिए लोगों के पास नहीं है राशन
लाटघाट। कटान के कारण लगभग एक दर्जन लोग प्राथमिक विद्यालय सेमरी में शरण लिए हुए हैं। कुछ लोग विस्थापित होकर सेमरी गांव के पास बंधे पर पॉलिथीन डाल के शरण लिए हुए हैं। यह सभी केवट बस्ती और यादव बस्ती के लोग हैं। सेमरी गांव के प्रधान दशरथ निषाद ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर अब तक 45 लोगों का घर घाघरा में विलीन हो गया और दो दिन में 12 लोगों का घर कट चुका है। विस्थापित हुए लोगों को सबसे बड़ी समस्या अनाज की है। उन्हें खाने पीने के सामान और जरूरी वस्तुओं की समस्या बढ़ती जा रही है। अभी तक उन्हें अनाज की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। ग्राम प्रधान ने किसी तरह से खाने पीने की व्यवस्था की है। प्रशासनिक स्तर पर अभी तक विस्थापितों को कोई व्यवस्था नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विस्थापितों को शासन से मदद की उम्मीद
लाटघाट। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सगड़ी पंकज श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था लेकिन 24 घंटे बाद भी उनका यह आश्वासन पूरा नहीं हो सका है। जबकि विस्थापितों को तत्काल पॉलिथीन, माचिस, आटा, चावल, चना, मोमबत्ती, दाल, किरासन का तेल, सरसों का तेल आदि की सख्त आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed