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Azamgarh News: चार साल में 75 प्रतिशत काम, 6 माह में 25 प्रतिशत कैसे होंगें पूरे
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आजमगढ़। जनपद में जल जीवन मिशन योजना पर बीते चार सालों से काम चल रहा है। इसे दिसंबर 2024 तक पूरा करना है। चार साल में 75 प्रतिशत काम हुआ है। ऐसे में छह माह में बचे 25 फीसदी काम कैसे पूरे होंगे यह किसी चुनौती से कम नहीं है। सात कार्यदायी संस्थाएं पेयजल परियोजनाओं पर काम कर रही हैं।
जल जीवन मिशन योजना के तहत जनपद में 3818 गांवों में पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके लिए सात कार्यदायी संस्थाएं काम कर रही हैं। इसमें ओवर हेड टैंक का निर्माण कराकर, पाइप लाइन बिछाकर घरों में कनेक्शन देने हैं। साथ ही पेयजल परियोजनाओं को संचालित करने के लिए हर जगहों पर सोलर पैनल लगाने हैं।
कार्यदायी संस्थाओं को पेयजल परियोजनाओं को आगामी दिसंबर माह में पूरा करना है। जून खत्म होने वाला है, छह माह और बचे हैं। ऐसे में विभाग को कार्यदायी संस्थाओं से दिसंबर तक कार्य पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। जल जीवन मिशन की एक भी पेयजल परियोजनाएं हैंडओवर नहीं हो पाई हैं। लेकिन विभाग का दावा है कि 271 राजस्व गांवों में रेगुलर सप्लाई शुरू हो चुकी है।
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171 ओवरहेड टैंक का ही निर्माण पूरा
जनपद में पानी की सप्लाई के लिए 1466 ओएचटी का निर्माण होना है। कार्य की प्रगति देखी जाय तो अभी तक 171 ओएचटी का निर्माण ही पूरा हो पाया है। बाकी पर अभी काम चल रहा है। सभी पेयजल परियोजनाएं सोलर पैनल से संचालित होंगी। 1435 के सापेक्ष 673 परियोजनाओं पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इसके अलावा देखा जाय तो 19369 किमी पाइपलाइन की जगह 16853 किमी पाइपलाइन बिछाई गई है। जबकि 630332 की जगह 472755 हाउस कनेक्शन ही दिए गए हैं। संवाद
परियोजनाएं एक नजर में
चयनित राजस्व गांव- 3818
प्रस्तावित परियोजनाएं- 1465
नियमित जलापूर्ति वाले गांव- 271
पेयजल परियोजनाओं की लागत- 1413 करोड़
अब तक किए गए खर्च 1663.70 करोड़
जल जीवन मिशन की सभी कार्यदायी संस्थाओं को मैन पॉवर बढ़ाने का निर्देश दिया गया है जिससे सभी काम समय से पूरा किया जा सके। कार्य के प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा भी हो रही है। प्रगति ठीक न होने पर उन पर कार्रवाई की जाएगी। - हेमंत सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण।
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जल जीवन मिशन योजना के तहत जनपद में 3818 गांवों में पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके लिए सात कार्यदायी संस्थाएं काम कर रही हैं। इसमें ओवर हेड टैंक का निर्माण कराकर, पाइप लाइन बिछाकर घरों में कनेक्शन देने हैं। साथ ही पेयजल परियोजनाओं को संचालित करने के लिए हर जगहों पर सोलर पैनल लगाने हैं।
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कार्यदायी संस्थाओं को पेयजल परियोजनाओं को आगामी दिसंबर माह में पूरा करना है। जून खत्म होने वाला है, छह माह और बचे हैं। ऐसे में विभाग को कार्यदायी संस्थाओं से दिसंबर तक कार्य पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। जल जीवन मिशन की एक भी पेयजल परियोजनाएं हैंडओवर नहीं हो पाई हैं। लेकिन विभाग का दावा है कि 271 राजस्व गांवों में रेगुलर सप्लाई शुरू हो चुकी है।
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171 ओवरहेड टैंक का ही निर्माण पूरा
जनपद में पानी की सप्लाई के लिए 1466 ओएचटी का निर्माण होना है। कार्य की प्रगति देखी जाय तो अभी तक 171 ओएचटी का निर्माण ही पूरा हो पाया है। बाकी पर अभी काम चल रहा है। सभी पेयजल परियोजनाएं सोलर पैनल से संचालित होंगी। 1435 के सापेक्ष 673 परियोजनाओं पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इसके अलावा देखा जाय तो 19369 किमी पाइपलाइन की जगह 16853 किमी पाइपलाइन बिछाई गई है। जबकि 630332 की जगह 472755 हाउस कनेक्शन ही दिए गए हैं। संवाद
परियोजनाएं एक नजर में
चयनित राजस्व गांव- 3818
प्रस्तावित परियोजनाएं- 1465
नियमित जलापूर्ति वाले गांव- 271
पेयजल परियोजनाओं की लागत- 1413 करोड़
अब तक किए गए खर्च 1663.70 करोड़
जल जीवन मिशन की सभी कार्यदायी संस्थाओं को मैन पॉवर बढ़ाने का निर्देश दिया गया है जिससे सभी काम समय से पूरा किया जा सके। कार्य के प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा भी हो रही है। प्रगति ठीक न होने पर उन पर कार्रवाई की जाएगी। - हेमंत सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण।