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दो को बीस वर्ष, दो को पांच और सात वर्ष की कैद
Updated Sun, 02 Dec 2018 12:11 AM IST
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दो को बीस वर्ष, दो को पांच और सात वर्ष की कैद
आजमगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट धीरेंद्र कुमार की अदालत ने एक किशोरी के साथ किए गए दुष्कर्म के जुर्म में दो आरोपियों को बीस वर्ष की कैद और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना और इसी मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों को क्रमश: पांच और सात वर्ष की सजा सुनाई।
अदालत ने आरोपियों को कई धाराओं में अलग-अलग सजा का निर्धारण किया है। घटना 24 अगस्त 2013 को मेहनगर थाना क्षेत्र के एक गांव की है। मुकदमे में आरोप है कि आरोपीगण इस मुकदमे के वादी की लड़की पीड़िता को आरोपित महिला आरती ने उसे घर से बुलाकर ले गई। इसके बाद अन्य आरोपियों के सहयोग से आगरा ले जाकर उसे बेच दिया गया। किसी तरह से भाग कर घर आने पर किशोरी ने विस्तार से घटना के बारे में जानकारी दी। इस मामले में मेहनगर थाना पुलिस ने कटाई गांव निवासी आरती पत्नी शिव प्रकाश, राहुल, विपिन पुत्रगण शिव प्रकाश और शोभनाथ पुत्र संतलाल के विरुद्ध छह सितंबर 2013 को मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। इस मामले में मुकदमे के विचारण के दौरान इस मुकदमे के वादी, पीड़िता किशोरी, उप निरीक्षक निषिद्ध प्रसाद शास्त्री, एसआई विनोद कुमार सोनकर, विवेचक राजाराम पटेल और डा. मधु यादव को बतौर साक्षी परीक्षित किया गया। अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता प्रेमनाथ यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के दिए गए तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने चारो आरोपियों में राहुल और विपिन को धारा 376 में बीस वर्ष की कैद के साथ कुल बीस-बीस हजार रुपया जुर्माना। आरती और शोभनाथ को सात वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया।
मृतका की सास की जमानत खारिज
आजमगढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैशी की अदालत ने दहेज हत्या में आरोपित विवाहिता की सास की जमानत अर्जी शनिवार को खारिज कर दी। घटना जीयनपुर थाना के खालिसपुर गांव की है। इस मामले में मृतका की मां गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के बहादुरगंज पठानटोली निवासी जरीना पत्नी युसूफ ने मुकदमा दर्ज कराया था। जरीना की पुत्री जैनब की शादी खालिसपुर गांव निवासी इरफान के पुत्र अफगान से 22 जून 2012 को की थी। शादी के बाद वह अपने ससुराल गई। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उन्होंने आरोप लगाया है कि दहेज की मांग को लेकर उसके घर वाले मारते-पीटते थे। 17 जून 2016 को सूचना मिली कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल के लोग विवाहिता की हत्याकर उसके शव को दफना दिया है। इस मामले में बनाए गए आरोपियों में शामिल विवाहिता की सास रेहाना की तरफ से जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने जमानत अरजी खारिज कर दी।
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आजमगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट धीरेंद्र कुमार की अदालत ने एक किशोरी के साथ किए गए दुष्कर्म के जुर्म में दो आरोपियों को बीस वर्ष की कैद और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना और इसी मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों को क्रमश: पांच और सात वर्ष की सजा सुनाई।
अदालत ने आरोपियों को कई धाराओं में अलग-अलग सजा का निर्धारण किया है। घटना 24 अगस्त 2013 को मेहनगर थाना क्षेत्र के एक गांव की है। मुकदमे में आरोप है कि आरोपीगण इस मुकदमे के वादी की लड़की पीड़िता को आरोपित महिला आरती ने उसे घर से बुलाकर ले गई। इसके बाद अन्य आरोपियों के सहयोग से आगरा ले जाकर उसे बेच दिया गया। किसी तरह से भाग कर घर आने पर किशोरी ने विस्तार से घटना के बारे में जानकारी दी। इस मामले में मेहनगर थाना पुलिस ने कटाई गांव निवासी आरती पत्नी शिव प्रकाश, राहुल, विपिन पुत्रगण शिव प्रकाश और शोभनाथ पुत्र संतलाल के विरुद्ध छह सितंबर 2013 को मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। इस मामले में मुकदमे के विचारण के दौरान इस मुकदमे के वादी, पीड़िता किशोरी, उप निरीक्षक निषिद्ध प्रसाद शास्त्री, एसआई विनोद कुमार सोनकर, विवेचक राजाराम पटेल और डा. मधु यादव को बतौर साक्षी परीक्षित किया गया। अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता प्रेमनाथ यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के दिए गए तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने चारो आरोपियों में राहुल और विपिन को धारा 376 में बीस वर्ष की कैद के साथ कुल बीस-बीस हजार रुपया जुर्माना। आरती और शोभनाथ को सात वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया।
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मृतका की सास की जमानत खारिज
आजमगढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैशी की अदालत ने दहेज हत्या में आरोपित विवाहिता की सास की जमानत अर्जी शनिवार को खारिज कर दी। घटना जीयनपुर थाना के खालिसपुर गांव की है। इस मामले में मृतका की मां गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के बहादुरगंज पठानटोली निवासी जरीना पत्नी युसूफ ने मुकदमा दर्ज कराया था। जरीना की पुत्री जैनब की शादी खालिसपुर गांव निवासी इरफान के पुत्र अफगान से 22 जून 2012 को की थी। शादी के बाद वह अपने ससुराल गई। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उन्होंने आरोप लगाया है कि दहेज की मांग को लेकर उसके घर वाले मारते-पीटते थे। 17 जून 2016 को सूचना मिली कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल के लोग विवाहिता की हत्याकर उसके शव को दफना दिया है। इस मामले में बनाए गए आरोपियों में शामिल विवाहिता की सास रेहाना की तरफ से जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने जमानत अरजी खारिज कर दी।
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