फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   69 years old Lal Bihari Mritak will celebrate 29th rebirth day on 30 june in azamgarh

Azamgarh: 69 साल के लाल बिहारी 'मृतक' 30 को मनाएंगे 29वां पुनर्जन्म दिवस, 19 साल कागजों में रहे मृत

Mon, 19 Jun 2023 04:36 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 19 Jun 2023 04:36 PM IST
सार

आजमगढ़ के अमिलो गांव निवासी लाल बिहारी ‘मृतक’ 69 साल की उम्र में अपना 29वां पुनर्जन्म दिवस 30 जून को मनाएंगे।  राजस्व कर्मचारियों की एक गलती के कारण लाल बिहारी कागजों में 19 वर्षों तक मृत रहे। 

विज्ञापन
69 years old Lal Bihari Mritak will celebrate 29th rebirth day on 30 june in azamgarh
केट काटते लाल बिहारी मृतक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुनने में अजीब लग सकता है मगर यह सच है। आजमगढ़ के अमिलो गांव निवासी लाल बिहारी ‘मृतक’ 69 साल की उम्र में अपना 29वां पुनर्जन्म दिवस 30 जून को मनाएंगे। इस समारोह को यादगार बनाने की तैयारी में वह और उनका परिवार लगा हुआ है। उनकी योजना आगामी दिनों में अपनी पत्नी कर्मी देवी से फिर से विवाह रचाने की भी है।

विज्ञापन


लाल बिहारी का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। सात साल की उम्र में वह साड़ी बनाने वाले कारीगरों के साथ काम करने लगे। कम उम्र में काम करने के कारण पढ़ाई-लिखाई नहीं हो सकी। 1975 में जब उनकी उम्र 20 वर्ष की थी तब वो स्वरोजगार के लिए लोन के लिए बैंक पहुंचे। तब ऐसा सच सामने आया जिसे जानकर लाल बिहारी के पैरों तले से जमीन खिसक गई।

विज्ञापन

जिला मुख्यालय से कोर्ट तक का चक्कर

पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में लाल बिहारी की मौत हो चुकी है। सरकारी ऑफिस के कागजों में अपने मृत्यु प्रमाण पत्र होने की बात जान कर दंग रह गए।  राजस्व कर्मचारियों की एक गलती के कारण लाल बिहारी को अजीब सी मुश्किल का सामना करना पड़ा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

खुद को कागजातों में जिंदा दिखाने के लिए लाल बिहारी को काफी संघर्ष करना पड़ा। जिला मुख्यालय से कोर्ट तक का चक्कर लगाते-लगाते उनके चप्पल घिस गए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। संघर्ष के इस दौर में ही लाल बिहारी ने हाईकोर्ट जाकर अपने नाम के आगे ‘मृतक’ जोड़ लिया। इसके साथ ही उन्होंने मृतक संघ बनाया।

इस संघ में उन्होंने अपने जैसे पीड़ितों को भी जोड़ा। 19 वर्षों तक संघर्ष करने के बाद  30 जून 1994 में लाल बिहारी सरकारी दस्तावेजों में जीवित हुए। बिहारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर यह आवेदन भी किया कि उनके जैसे और लोगों को भी न्याय मिले। हर साल की तरह वह इस साल भी अपना पुनर्जन्म दिवस मनाएंगे।  लाल बिहारी मृतक पर एक हिंदी फिल्म भी बन चुकी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed