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सदर सीट पर कमल खिलाने पर रहेगा पूरा जोर
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:45 AM IST
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आजमगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इस कार्यक्रम द्वारा सदर सीट पर कमल खिलाने की कोशिश करेंगे। उनका सारा जोर इसी सीट को लेकर होगा। लालगंज सीट तो उनके पास है। फिलहाल सदर संसदीय सीट सपा के पास है। यहां से सांसद मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी से चुनाव लड़ने की घोषणा कर भाजपा की उम्मीदों को एक बार फिर से नए पंख लगा दिया है। लेकिन पूर्व सांसद रमाकांत यादव को लेकर पार्टी में ऊहापोह की स्थिति में हैं। क्योंकि काफी दिनों से उनके सपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही है। इन सबके बीच कई नए लोगों ने जोर दिखाने की पूरी तैयारी कर ली है। आजमगढ़ की सदर सीट हमेशा से सत्ता के खिलाफ जाती है। चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो यह सीट सपा और बसपा के बीच झूलती रही है। वर्तमान में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव इस सीट से सांसद हैं। अगर भाजपा की बात करें तो आजादी के बाद से अब तक सिर्फ 2009 में हुए उपचुनाव में इस सीट से पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कमल को खिलाया था। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनावों में उन्हें मुलायम सिंह यादव से हार का सामना करना पड़ा। वर्तमान में रमाकांत यादव के सपा में जाने की अटकलें काफी दिनों से प्रचारित हो रही हैं। हालांकि पूर्व में एक बार अफवाह उड़ने पर पूर्व सांसद ने इन अफवाहों का खंडन किया था। लेकिन सोशल मीडिया में उनकी और अखिलेश यादव की तस्वीर पोस्ट होने के बाद उन्होंने इसका खंडन नहीं किया। जिसके कारण लोग लोकसभा चुनाव तक उनके सपा में शामिल होने का अनुमान लगा रहे हैं। हाल ही में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ से चुनाव न लड़ने की घोषणा कर इन हवाओं को और फैलने का मौका दिया। वहीं पूर्व सांसद की खामोशी पार्टी को ऊहापोह में डाले हुए हैं। इन सबके बीच कई लोग सदर संसदीय सीट से अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने को बेताब हैं। आजमगढ़ की दो लोकसभा सीटों में से एक लालगंज पर भाजपा का कब्जा है। यहां भाजपा सांसद नीलम सोनकर का दावा तगड़ा है। लेकिन पूर्व सांसद को लेकर ऊहापोह की स्थिति के कारण इस सीट पर दावेदारों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत करनी शुरू कर दी है। लोगों द्वारा इस लिस्ट में पूर्व मंत्री यशवंत सिंह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पीए खड्ग बहाद़ुर सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अखिलेश मिश्रा गुड्डू और जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह के शामिल होने की बात कही जा रही है।
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