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राजस्व वादों का लगा अंबार, वादकारी हो रहे बेहाल
Updated Fri, 02 Feb 2018 11:28 PM IST
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आजमगढ़। जनपद में पांच हजार से ज्यादा पांच साल पुराने राजस्व वाद पेंडिंग हैं। इसको लेकर पिछले दिनों कमिश्नर के साथ ही जिलाधिकारी को राजस्व परिषद की फटकार लग चुकी है। इसके बाद मुकदमों के निस्तारण में तेजी आई है, लेकिन तहसील अदालतों का बुरा हाल है। निजामाबाद में तो पिछले दिनों वादकारियों ने तहसील पर प्रदर्शन कर विरोध जताया था। उनका कहना था कि कई साल से लगातार सिर्फ अधिवक्ताओं की फीस चुकाने के बाद भी उन्हें सिर्फ तारीख मिल रही है। यही हाल लगभग एक माह से फूलपुर तहसील का है। अधिवक्ताओं और अधिकारियों की खींचातानी में कोर्ट बाधित है। इस संबंध में एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता ने बताया कि जनपद में लगातार कोर्ट न चलने से लगभग पांच हजार पांच साल से पुराने राजस्व वाद पेंडिंग हैं। मामले ज्यादा दिन तक कोर्ट में पेंडिंग होने से वादकारियों को परेशानी होती है। अधिवक्ताओं को भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कोर्ट नियमित चले।
वहीं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं को कोई समस्या पेश आएगी तो उसे देखना ही पड़ेगा। अधिकारियों के नियमित कोर्ट में न बैठना भी मुकदमों के पेंडिंग होने का कारण है। उन्हें भी नियमित कोर्ट में समय देना चाहिए।
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वहीं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं को कोई समस्या पेश आएगी तो उसे देखना ही पड़ेगा। अधिकारियों के नियमित कोर्ट में न बैठना भी मुकदमों के पेंडिंग होने का कारण है। उन्हें भी नियमित कोर्ट में समय देना चाहिए।
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