{"_id":"66a6921a0fd868694a055754","slug":"475-lakh-tap-connections-given-but-construction-of-oht-lags-behind-azamgarh-news-c-20-1-vns1017-677987-2024-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: 4.75 लाख दिए नल कनेक्शन, पर ओएचटी का निर्माण पीछे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: 4.75 लाख दिए नल कनेक्शन, पर ओएचटी का निर्माण पीछे
विज्ञापन
आजमगढ़। जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर को नल से जल पहुंचाने के लिए विभिन्न गांवों में काम चल रहा है। कार्यदायी संस्थाएं पाइप लाइन बिछाने और हाउस कनेक्शन देने में तो काफी आगे निकल चुकी हैं लेकिन ओवरहेड टैंक का निर्माण काफी धीमा चल रहा है। 213 ओवर हेड टैंक (ओएचटी) का निर्माण ही पूरा हो पाया है। आगामी दिसंबर माह तक सभी पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है।
ग्रामीण आबादी को नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में काम चल रहा है। योजना के तहत 3480 राजस्व गांवों में 4313 करोड़ की कुल 1462 पेयजल परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इसमें ओवर हेड टैंक, पंप हाउस का निर्माण कराने के बाद पाइप लाइन बिछाकर हर घर को नल से जल पहुंचाना है।
पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सात कार्यदायी संंस्थाएं काम कर रही है। योजना को शुरू हुए चार साल से अधिक का समय बीत गया है। जिले में पाइप लाइन बिछाने और नल कनेक्शन देने का काम तेजी से हुआ है जबकि ओवरहेड टैंक का निर्माण काफी धीमी गति से चल रहा है। हालांकि जल निगम ग्रामीण विभाग का दावा है कि 76 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सभी कार्यों के साथ 150 पेयजल परियोजनाएं भी पूरी हो चुकी हैंं। 19369 किमी पाइप लाइन की जगह 17 हजार किमी से अधिक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। 621450 की जगह 475427 नल का कनेक्शन दिया गया है। ओवर हेड टैंक की बात की जाए तो 1462 में से सिर्फ 213 का काम पूरा हो सका है। जबकि 1444 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। विभाग का आगामी दिसंबर माह तक कार्य को पूरा करने का लक्ष्य है। लेकिन कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कार्य काफी धीमी गति से किया जा रहा है ऐसे में पांच माह में सभी पेयजल परियोजनाओं का काम पूरा हो पाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
विज्ञापन
जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाओं का 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बाकी काम आगामी दिसंबर माह तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए सभी कार्यदायी संस्थाओं को मैन पॉवर बढ़ाकर काम करने का पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। कार्य के प्रगति की बराबर समीक्षा भी की जा रही है। - हेमंत सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण।
विज्ञापन
ग्रामीण आबादी को नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में काम चल रहा है। योजना के तहत 3480 राजस्व गांवों में 4313 करोड़ की कुल 1462 पेयजल परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इसमें ओवर हेड टैंक, पंप हाउस का निर्माण कराने के बाद पाइप लाइन बिछाकर हर घर को नल से जल पहुंचाना है।
विज्ञापन
पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सात कार्यदायी संंस्थाएं काम कर रही है। योजना को शुरू हुए चार साल से अधिक का समय बीत गया है। जिले में पाइप लाइन बिछाने और नल कनेक्शन देने का काम तेजी से हुआ है जबकि ओवरहेड टैंक का निर्माण काफी धीमी गति से चल रहा है। हालांकि जल निगम ग्रामीण विभाग का दावा है कि 76 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सभी कार्यों के साथ 150 पेयजल परियोजनाएं भी पूरी हो चुकी हैंं। 19369 किमी पाइप लाइन की जगह 17 हजार किमी से अधिक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। 621450 की जगह 475427 नल का कनेक्शन दिया गया है। ओवर हेड टैंक की बात की जाए तो 1462 में से सिर्फ 213 का काम पूरा हो सका है। जबकि 1444 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। विभाग का आगामी दिसंबर माह तक कार्य को पूरा करने का लक्ष्य है। लेकिन कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कार्य काफी धीमी गति से किया जा रहा है ऐसे में पांच माह में सभी पेयजल परियोजनाओं का काम पूरा हो पाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
विज्ञापन
जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाओं का 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बाकी काम आगामी दिसंबर माह तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए सभी कार्यदायी संस्थाओं को मैन पॉवर बढ़ाकर काम करने का पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। कार्य के प्रगति की बराबर समीक्षा भी की जा रही है। - हेमंत सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण।