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Azamgarh News: घाघरा में छोड़ा गया 436000 क्यूसेक पानी
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लाटघाट। घाघरा नदी में नेपाल से छूटा पानी आने के कारण बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। सिंचाई विभाग ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है।
तहसीलदार सगड़ी विवेकानंद दुबे ने बताया कि बाढ़ से संबंधित सभी कर्मचारी और चौकी प्रभारी को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। नाविकों और अन्य व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त रखा जाएगा और लोगों को हिदायत दी गई है कि किसी भी बाढ़ चौकी पर लापरवाही मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, सगड़ी विधायक डॉ. एचएन सिंह पटेल और अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड अरुण सचदेव सहित ग्रामीणों ने देवरांचल में हो रही कटान को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जायजा लिया। कटान को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने कहा कि सहबदिया गांव व गांगेपुर की करीब 100 एकड़ से अधिक भूमि घाघरा में विलीन हो चुकी है और इसकी रोकथाम जरूरी है। वहीं नदी में शुक्रवार को विभिन्न बैराजों से चार लाख 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके कारण बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है। जिसे देखते हुए तटवर्ती गांवों के ग्रामीण सहमे हुए हैं।
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तहसीलदार सगड़ी विवेकानंद दुबे ने बताया कि बाढ़ से संबंधित सभी कर्मचारी और चौकी प्रभारी को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। नाविकों और अन्य व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त रखा जाएगा और लोगों को हिदायत दी गई है कि किसी भी बाढ़ चौकी पर लापरवाही मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, सगड़ी विधायक डॉ. एचएन सिंह पटेल और अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड अरुण सचदेव सहित ग्रामीणों ने देवरांचल में हो रही कटान को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जायजा लिया। कटान को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने कहा कि सहबदिया गांव व गांगेपुर की करीब 100 एकड़ से अधिक भूमि घाघरा में विलीन हो चुकी है और इसकी रोकथाम जरूरी है। वहीं नदी में शुक्रवार को विभिन्न बैराजों से चार लाख 36 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके कारण बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है। जिसे देखते हुए तटवर्ती गांवों के ग्रामीण सहमे हुए हैं।
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