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उड़ान में अवरोध बने तीन मकानों की टूटेगी एक मंजिल

Sun, 03 Feb 2019 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Feb 2019 12:24 AM IST
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उड़ान में अवरोध बने तीन मकानों की टूटेगी एक मंजिल
आजमगढ़। मंदुरी हवाई पट्टी से उड़ान में बाधक बने तीन मकानों की ऊपर मंजिल को तोड़ा जाएगा। दो-दो मंजिल के इन मकानों एक मंजिल का किया जाएगा। इसके साथ ही कई पेड़ भी काटे जाएंगे। इसके मुआवजे के लिए शासन से राजस्व विभाग ने दो करोड़ रुपये की डिमांड की है। वहीं, मार्च से पहले एयर रूट के लिए लाइसेंस जारी होने के भी संकेत मिले हैं। अभी लखनऊ तक की ही उड़ान यहां से संचालित की जाएगी। सरकार ने रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत मंदुरी हवाई पट्टी का चयन घरेलू उड़ान के लिए किया है। हवाई पट्टी के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा कर इसकी घेराबंदी कर दी गई है। इसके साथ ही राजकीय निर्माण निगम की ओर से भी विस्तारीकरण का कार्य जारी है। इसके पूरा होने की समय सीमा अप्रैल के पहले सप्ताह में रखी गई है। वहीं, हवाई पट्टी से उड़ान शुरू करने में तीन मकान बाधक बन रहे थे। दो मंजिल के इन तीनों मकानों की एक मंजिल तोड़नी पड़ेगी। राजस्व विभाग की ओर से इन मकानों का आंकलन करा लिया गया है। इसके साथ ही उड़ान के रास्ते में अवरोध बने कुछ पेड़ों की भी कटाई होगी। निजी पेड़ों का मुआवजा भी किसानों को दिया जाएगा। इसका आंकलन भी कराया लिया गया है। मकान और पेड़ों का मुआवजा जारी करने के लिए राजस्व विभाग की ओर से शासन से दो करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। शासन से धनराशि मिलने के बाद मुआवजा देने और तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो मार्च से पहले लखनऊ तक की उड़ाने के लिए लाइसेंस जारी होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि अप्रैल के बाद कभी भी मंदुरी से लखनऊ तक की उड़ान शुरू की जा सकती है। हालांकि इस पर आधिकारिक रूप से कोई कुछ कहने को तैयार नहीं हो रहा है।
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मंदुरी हवाई पट्टी के विस्तारीकरण का कार्य जारी है। जमीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। उड़ान के रास्ते में अवरोध बने तीन मकानों में एक मंजिल तोड़नी पड़ेगी। कुछ पेड़ भी रास्ते में आ रहे हैं। इसके मुआवजे के लिए शासन से दो करोड़ रुपये की डिमांड की गई है।
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आलोक वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी
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