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दो तहसीलदार ने भेजी अलग-अलग रिपोर्ट, खारिज हुई
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:12 AM IST
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आजमगढ़। एक ही तहसील से एक जमीन की दो रिपोर्ट आने पर अधिकारियों की मंशा पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। फिलहाल एडीएम ने दोनों रिपोर्टों को खारिज करते हुए एसडीएम को जांच का निर्देश दिया है। मामला लालगंज तहसील के 1.70 करोड़ के मुआवजे को हड़पने के लिए चाचा को राजस्व अभिलेखों में मृतक साबित कर खुद को असली वारिस बताने का है।
लालगंज तहसील के असाउर गांव निवासी बरखू और वंशू वाराणसी में रिक्शा चलाते थे। उसके सगे भतीजों राम आश्रय और राम वचन ने राजस्व अभिलेखों में उसे मृत घोषित करा दिया और जमीन की वरासत करा ली। जमीन वाराणसी-लुंबिनी फोरलेन नेशनल हाईवे में आई तो 1.70 करोड़ मुआवजे के लिए क्लेम कर दिया। इस बीच बरखू जिलाधिकारी के सामने पेश हुआ और जमीन को अपना बताया। मुख्य राजस्व अधिकारी ने मुआवजा रोक कर मामले की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व बीके गुप्ता को सौंपी। अप्रैल 2017 में तहसीलदार से जारी रिपोर्ट के अनुसार जमीन राम आश्रय और राम वचन की है। वहीं, दिसंबर 2017 में तहसीलदार की रिपोर्ट में जमीन के मालिक बरखू और वंशू बताए गए। एक ही जमीन की दो रिपोर्ट पर वादी-प्रतिवादी की ओर से सवाल खड़े करने पर एडीएम ने दोनों रिपोर्टों को खारिज कर दिया है। साथ ही एसडीएम लालगंज को खुद मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
मामले एक ही तहसील से दो रिपोर्ट मिली थी। एसडीएम से फिर जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ह ी कुछ कहा जा सकता है।
वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एव राजस्व
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लालगंज तहसील के असाउर गांव निवासी बरखू और वंशू वाराणसी में रिक्शा चलाते थे। उसके सगे भतीजों राम आश्रय और राम वचन ने राजस्व अभिलेखों में उसे मृत घोषित करा दिया और जमीन की वरासत करा ली। जमीन वाराणसी-लुंबिनी फोरलेन नेशनल हाईवे में आई तो 1.70 करोड़ मुआवजे के लिए क्लेम कर दिया। इस बीच बरखू जिलाधिकारी के सामने पेश हुआ और जमीन को अपना बताया। मुख्य राजस्व अधिकारी ने मुआवजा रोक कर मामले की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व बीके गुप्ता को सौंपी। अप्रैल 2017 में तहसीलदार से जारी रिपोर्ट के अनुसार जमीन राम आश्रय और राम वचन की है। वहीं, दिसंबर 2017 में तहसीलदार की रिपोर्ट में जमीन के मालिक बरखू और वंशू बताए गए। एक ही जमीन की दो रिपोर्ट पर वादी-प्रतिवादी की ओर से सवाल खड़े करने पर एडीएम ने दोनों रिपोर्टों को खारिज कर दिया है। साथ ही एसडीएम लालगंज को खुद मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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मामले एक ही तहसील से दो रिपोर्ट मिली थी। एसडीएम से फिर जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ह ी कुछ कहा जा सकता है।
वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एव राजस्व